
गाजीपुर । उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की मान्यता प्राप्त होने और उसके लोगो का कॉपीराइट मिलने के बाद, उत्तर प्रदेश के क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए ईमानदारी से क्रिकेट खेलने का एक नया रास्ता खुला है। यह एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे प्रदेश के क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए विकास की दिशा सुनिश्चित हो रही है।उत्तर प्रदेश के क्रिकेट खिलाड़ियों को यह जानकारी होना आवश्यक है कि वर्ष 2005 में उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को ब्लैकलिस्ट कर दिया था। इसके बाद, उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने अपनी मान्यता रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़, कानपुर से प्राप्त की। समाज चिटफंड से मान्यता रद्द होने के कारण उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का राज्य सरकार से संबंध समाप्त हो गया था।उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष जी.डी. शर्मा ने उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन की मान्यता समाज चिटफंड, आगरा से 2023 में प्राप्त की और इसके बाद, भारत सरकार से उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के लोगो की मान्यता प्राप्त कर ली। इससे उत्तर प्रदेश के क्रिकेट खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य का मार्ग प्रशस्त हुआ है।दूसरी ओर, एक अन्य संस्था, “उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन प्राइवेट लिमिटेड”, वर्तमान में कार्यरत है। इस संस्था द्वारा सही तथ्यों को छिपाकर ली गई मान्यता की जांच रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़, कानपुर द्वारा की जा रही है। कंपनी की नियमावली के अनुसार, कोई भी संस्था यदि राज्य या देश का नाम उपयोग करती है, तो उसे राज्य सरकार से अनुमति प्राप्त करनी चाहिए। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन प्राइवेट लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश का नाम उपयोग करने के लिए राज्य सरकार से अनुमति प्राप्त नहीं की, जो कि एक अनैतिक कार्य है, और इसकी जांच रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ द्वारा की जा रही है।उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन को मान्यता मिलने से प्रदेश के क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए एक नई उम्मीद जगी है। इस मान्यता के बाद, उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य करेगा, जिससे उत्तर प्रदेश के क्रिकेट खिलाड़ियों को ईमानदारी से क्रिकेट खेलने का अवसर मिलेगा। बीसीसीआई से उत्तर प्रदेश क्रिकेट के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त होगी, जो प्रदेश के क्रिकेट विकास में खर्च की जाएगी।सबसे बड़ी बात यह है कि उत्तर प्रदेश के 75 जिलों को मान्यता प्राप्त होगी, जिससे सभी जिलों के क्रिकेट खिलाड़ियों को समान सुविधाएं प्राप्त होंगी और कोई भेदभाव नहीं होगा। इस बदलाव के साथ, उत्तर प्रदेश की क्रिकेट भारत की सबसे बेहतरीन क्रिकेट एसोसिएशन के रूप में स्थापित होगी।क्रिकेट प्लेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन प्रदेश के क्रिकेट खिलाड़ियों को बेहतर क्रिकेट सुविधाएं प्रदान करेगा। उत्तर प्रदेश टीम के चयन में अब रिश्वतखोरी की कोई गुंजाइश नहीं होगी, चयन मैचों की ऑनलाइन स्कोरिंग की व्यवस्था होगी, और जूनियर, सीनियर, पुरुषों तथा महिलाओं के कैंप 60 दिनों के लिए आयोजित किए जाएंगे। क्रिकेट खिलाड़ियों को नेट प्रैक्टिस और इंडोर क्रिकेट प्रैक्टिस की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।आशा है कि उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का यह कदम प्रदेश के क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए नए अवसर लेकर आएगा और भारत की सबसे बेहतरीन क्रिकेट एसोसिएशन के रूप में यह उभरकर सामने आएगा।



