

गाजीपुर । गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान 63.105 मीटर से ऊपर हो गया, केंद्रीय जल आयोग की गाजीपुर यूनिट द्वारा प्रति घंटे 4 सेमी पानी बढ़ने की सूचना दी गई है फिलहाल दिन में 12 बजे तक गंगा का जल स्तर खतरे के निशान से लगभग 0.30 मीटर बढ़ गया है, और अभी जलस्तर लगातार बढ़ाव पर है, जिससे तटवर्टिय सहमे हुए हैं और जिला प्रशासन अलर्ट पर है। सावन का अंतिम सोमवार भी इसी बाढ़ में पड़ रहा है और कांवड़ियों के भीड़ की भी आशंका प्रशासन जाता रहा है, इसको देखते हुए डीएम एसपी प्रशासनिक अधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ स्थानीय प्रमुख गंगा घाट ददरीघाट का निरीक्षण किए, गंगा घाटों पर कांवड़ियों के स्नान के लिए बैरिकेटिंग कर विशेष व्यवस्था की जा रही है। डीएम अविनाश कुमार ने कहा कि गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सावन के अंतिम सोमवार को गंगा घाटों पर कांवड़ियों के स्नान के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पंप लगा कर कांवड़ियों को स्नान के लिए गंगा जल मुहैया कराया जाएगा और कांवड़ियों के लिए सभी गंगा घाटों पर नाव, गोताखोर और पुलिस की व्यवस्था चाक चौबंद रहेगी।डीएम अविनाश कुमार और एसपी डॉ इरज राजा ने श्रद्धालुओं और तटवर्तीयों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। बता दें कि गाजीपुर की कुल 7 तहसीलों में कुल पांच तहसीलों में बाढ़ प्रभावित होने की सूचना है। इन पांच तहसीलों में लगभग साढ़े चार गांव प्रभावित बताए जा रहे है। जिला प्रशासन ने बाढ़ के खतरे को भांपते हुए सारी औपचारिकताएं पहले ही पूरी कर 160 बाढ़ चौकियां, 44 बाढ़ शररणालय, 35 बाढ़ राहत केंद्र, 500 आपदा मित्र के साथ तीन सौ से ऊपर नावों की व्यवस्था कर रखा है।



