गाजीपुर: दिलदारनगर थाना क्षेत्र के आलमगंज माइनर के पास शुक्रवार सुबह टीसौरा गांव निवासी 28 वर्षीय विश्वकर्मा राम का शव सड़क किनारे मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर थाने लाई। घटना की जानकारी मिलते ही सैकड़ों ग्रामीण और परिजन थाने पहुंच गए।

विश्वकर्मा राम, टीसौरा की प्रधान बिंदु देवी के प्रतिनिधि और जमानियां भाजपा अनुसूचित जाति मंडल उत्तरी के अध्यक्ष थे। मां बिंदु देवी के अनुसार, वह गुरुवार रात शाहपुर में अपने फूफा के यहां आयोजित एक बरक्षा कार्यक्रम में शामिल होकर बुलेट से घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में यह घटना हुई।

फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। जमानियां प्रभारी भी दिलदारनगर थाना पहुंचकर मामले की जानकारी ली। थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक की मां की तरफ से तहरीर मिली है और पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई कर रही है।

मृतक की मां ने आरोप लगाया कि जमीनी विवाद को लेकर उनके बेटे की हत्या की गई है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी दिलदारनगर थाने में जान से मारने की धमकी की तहरीर दी गई थी। परिवार का कहना है कि विश्वकर्मा अपनी बहन मनसा कुमारी से यह वादा करके गए थे कि सुबह लौटकर उसे ग्रुप-D की परीक्षा दिलाने ले जाएंगे। लेकिन रात में ही उनकी मौत की खबर आ गई।

घटना के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। बसपा जिला उपाध्यक्ष प्रवेश खान ने हत्या का आरोप लगाते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।



