

गाजीपुर । हल्की बारिश के कारण शहर की सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं। जैसा कि आप तस्वीरों में साफ देख रहे हैं कि आधे घंटे की बारिश ने नगर पालिका प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है, गंदी और जाम नालियों का पानी सड़कों पर भर गया है, बताया जा रहा है कि इन नालियों को साफ कराने का टेंडर बाइट दिनों लाखों रुपए का हुआ था, लेकिन एक ही बारिश के बाद सड़क तलब बन गई, जिससे लोगों को काफी परेशानी हो रही है। जुलाई महीने में मुहर्रम और सावन मास के त्योहारों के दौरान यह समस्या और भी बढ़ जाती है, जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िया इन्हीं मुख्य चिन्हित सड़कों से शहर में गुजरते हैं।
कांवड़ यात्रियों और ताजियादारों के लिए चुनौती
मुहर्रम के दसवें दिन, जिसे ‘यौमे-ए-अशूरा’ के रूप में 6 जुलाई को मनाया जाएगा, और सावन मास के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िया गंगा स्नान करने और जल चढ़ाने के लिए गाजीपुर आते हैं। लेकिन शहर की खराब सड़कें और गंदगी उनके लिए एक बड़ी चुनौती बन जाती हैं।
प्रशासन की लापरवाही की पोल खुली
गाजीपुर प्रशासन ने त्योहारों के दौरान शहर की साफ-सफाई और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए बड़े दावे किए थे, लेकिन हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। शहर की जर्जर सड़कें और गंदी नालियों का पानी सड़कों पर भरना प्रशासन की लापरवाही को उजागर करता है।
क्या है प्रशासन की तैयारी
हालांकि, गाजीपुर प्रशासन ने मुहर्रम और सावन मास के त्योहारों के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कुछ कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने शहर का निरीक्षण किया है और आवश्यक निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, गंगा घाटों पर बैरिकेडिंग, गोताखोरों की तैनाती, और बिजली सुरक्षा व्यवस्था जैसे कदम उठाए गए हैं, लेकिन शनिवार 5 जुलाई को हुई आधे घंटे की बारिश से नगर का हाल बदतर हो गया। ऐसे में 11 जुलाई से एक माह चलने वाले सावन के पवित्र त्यौहार में सड़को की ऐसी हालत बहुत कुछ सोचने पर मजबूर कर देती है।



