गाजीपुर । नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश पाक्सो प्रथम राकेश कुमार सप्तम की अदालत ने सोमवार की शाम 5 बजेन इस मामले में दो दोषियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने आदेश दिया है कि जुर्माने की राशि में से 75 प्रतिशत रकम पीड़िता को दी जाएगी।दरअसल, मामला मरदह थाना क्षेत्र के एक गांव का है, जहां 3 जुलाई 2017 की रात नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म की वारदात हुई थी। पीड़िता की मां ने आरोप लगाया था कि रात 11 बजे अमित चौहान और शशि चौहान ने उसकी बेटी को जबरन सिवान में ले जाकर दुष्कर्म किया और अगले दिन सुबह उसे दुल्लहपुर स्टेशन पर छोड़कर फरार हो गए थे। पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक रविकांत पांडेय ने अदालत में कुल 8 गवाहों को पेश किया। सभी गवाहों के बयानों और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोषियों को दोषी करार देते हुए 10 साल के कारावास और आर्थिक दंड की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद दोषियों को जेल भेज दिया गया है। इस दौरान विशेष लोक अभियोजक रविकांत पाण्डेय ने और क्या कुछ बताया खुद सुने।
