गाजीपुर। गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद एवं मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी ने अपनी जान को खतरा बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की है। सांसद का कहना है कि उन्हें लगातार ऐसे इनपुट मिल रहे हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका उत्पन्न हो गई है।
यह मामला उस समय और तूल पकड़ गया जब गाजीपुर में नेशनल हाईवे पर सांसद के काफिले को रोके जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सांसद दिशा (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) की बैठक में शामिल होने के लिए गाजीपुर जा रहे थे। इसी दौरान हाईवे पर उनका काफिला रोका गया, जहां सीओ सिटी शेखर सिंगर और सदर कोतवाल महेंद्र सिंह मौके पर मौजूद थे।
सांसद अफजाल अंसारी ने आरोप लगाया कि बिना किसी औपचारिक प्रक्रिया के हाईवे पर काफिले को रोकना सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या उन्हें जबरन कहीं ले जाने की कोशिश की जा रही थी। वायरल वीडियो में पुलिस अधिकारी यह कहते नजर आ रहे हैं कि उन्होंने सांसद की गाड़ी नहीं रोकी, जबकि सांसद का कहना है कि हाईवे पर रोके जाने से अफरा-तफरी मच गई और आम जनता में तरह-तरह की अफवाहें फैल गईं।
वीडियो वायरल, पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल:- वीडियो वायरल होने के बाद सांसद ने गाजीपुर पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस के पास पहले से इनपुट मौजूद रहते हैं, तो जिले में पूर्व में हुई घटनाओं की जानकारी समय रहते क्यों नहीं मिल पाती।
सांसद अफजाल अंसारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें इनपुट मिल रहा है कि जनपद में उन्हें घेरने और नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा सकती है। उन्होंने कहा, “अगर मेरे ऊपर हमले का इनपुट पुलिस के पास है, तो क्या मेरी हत्या हो जाने के बाद ही पुलिस सक्रिय होगी? यह तानाशाही नहीं चलेगी।”
सांसद ने बताया कि इस पूरे प्रकरण की जानकारी उन्होंने मौखिक रूप से गाजीपुर के एसपी डॉ. ईरज राजा और डीएम अविनाश कुमार को भी दे दी है। फिलहाल एक ओर सांसद सुरक्षा और प्रोटोकॉल उल्लंघन का मुद्दा उठा रहे हैं, वहीं पुलिस अपने स्तर से काफिला न रोके जाने की बात कह रही है। मामला अब जनपद से लेकर लखनऊ और दिल्ली तक चर्चा का विषय बन गया है।



