आंगनबाड़ी भर्ती में EWS आरक्षण की अनदेखी का आरोप, प्रतिनिधिमंडल ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन

गाजीपुर। आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती प्रक्रिया में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) को आरक्षण का लाभ न दिए जाने का आरोप लगाते हुए जनपद के सुप्रसिद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर के पूर्व छात्र संघ महामंत्री एवं पूर्व अध्यक्ष युवा कांग्रेस सुधांशु तिवारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने अपर उपजिलाधिकारी विनोद जोशी को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण नियमों की अनदेखी पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। सुधांशु तिवारी ने कहा कि भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार के नियमानुसार सरकारी एवं सहायता प्राप्त संस्थानों में सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों के लिए 10 प्रतिशत EWS आरक्षण का प्रावधान अनिवार्य है, लेकिन वर्तमान आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती में इसका पालन नहीं किया जा रहा है।

पूर्व छात्र नेता शशांक उपाध्याय ने आरोप लगाया कि पूर्व की भर्तियों में EWS श्रेणी को शामिल किया गया था, जबकि वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में न तो विज्ञापन में और न ही चयन प्रक्रिया में इस श्रेणी का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। इससे सामान्य वर्ग के पात्र अभ्यर्थियों में भारी असंतोष व्याप्त है।

पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने प्रशासन से मामले की तत्काल जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यह सामान्य वर्ग के युवाओं के अधिकारों का हनन है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नियमों के अनुसार EWS अभ्यर्थियों को उनका अधिकार नहीं मिला और किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा को दूर कर पारदर्शिता नहीं अपनाई गई, तो युवा धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।

इस मौके पर पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय, पूर्व छात्र नेता शशांक उपाध्याय, शिवम पांडेय, सुजीत राजभर, चमचम चौबे, ताम्रध्वज सहित कई युवा उपस्थित रहे।

ज्ञापन की एक प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।

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