उत्तर प्रदेश के क्रिकेट माफिया को जेल भेजा जाए : क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ पूर्वांचल

गाजीपुर । क्रिकेट प्लेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश तथा क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ पूर्वांचल के सदस्यों ने बैठक कर प्रस्ताव पारित किया। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष अरविंद सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के क्रिकेट खिलाड़ियों के हित में तीन नए क्रिकेट एसोसिएशन बनाने का संकल्प लिया है। इस ऐतिहासिक निर्णय से पूरे प्रदेश के क्रिकेट खिलाड़ियों में हर्ष और उत्साह का माहौल है। खिलाड़ियों का मानना है कि मुख्यमंत्री योगी जी की इस पहल से उन्हें नया जीवन और नई दिशा प्राप्त होगी। वहीं, बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष एवं दिल्ली निवासी कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने लोढ़ा समिति की सिफारिशों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के इस संकल्प का विरोध किया है। खिलाड़ियों के अनुसार, श्री शुक्ला पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों के बड़े विरोधी माने जाते हैं। उनके कारण दिल्ली और हरियाणा के खिलाड़ी उत्तर प्रदेश से खेल रहे हैं, जबकि पूर्वांचल और मध्य यूपी के खिलाड़ियों के साथ भेदभाव हो रहा है। यहाँ तक कि उन पर खिलाड़ियों को “गंवार” कहकर अपमानित करने के आरोप भी लगे हैं। खिलाड़ियों ने यह भी आरोप लगाया है कि यूपीसीए (UPCA) पर राजीव शुक्ला का अवैध कब्ज़ा है। वर्तमान में यूपीसीए के छह निदेशक 75 वर्ष से अधिक आयु के हैं और लगभग 12 वर्षों से पद पर जमे हुए हैं। इसके अतिरिक्त, श्री शुक्ला के सहयोगी और पी.ए. अकरम सैफी पर आरोप है कि उन्होंने चयनकर्ताओं और कोचों को नियुक्त कर अंडर-16, अंडर-19, अंडर-23 तथा रणजी ट्रॉफी टीम के चयन के नाम पर करोड़ों रुपये की वसूली की है।खिलाड़ियों का कहना है कि अकरम सैफी और उनके सहयोगी चयनकर्ता एवं कोच पुरुष और महिला क्रिकेटरों का मानसिक, आर्थिक और शारीरिक शोषण कर रहे हैं। क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ पूर्वांचल ने आरोप लगाया कि वर्तमान में हो रहे यूपीसीए ट्रायल भी पूरी तरह से दिखावा हैं। अंडर-14, अंडर-16, अंडर-19, अंडर-23 और रणजी ट्रॉफी ट्रायल में खिलाड़ियों को निष्पक्ष मौका नहीं दिया जा रहा है।
• ट्रायल में केवल तीन-चार गेंद खिलाकर चयन की प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है।
• मैचों की ऑनलाइन स्कोरिंग नहीं की जाती, ताकि खिलाड़ियों से पैसों की वसूली छुपाई जा सके।
• गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों से आने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को जानबूझकर बाहर कर दिया जाता है।
• यूपीसीए की चयन प्रक्रिया महज़ औपचारिकता है, जबकि वास्तविक टीम पहले ही दिल्ली के कांग्रेस नेता के घर पर तय कर दी जाती है। एसोसिएशन का कहना है कि अकरम सैफी का यह कथित “क्रिकेट माफिया साम्राज्य” खिलाड़ियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। पूर्वांचल एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि इस भ्रष्ट तंत्र को जनता और सरकार के सामने लाकर निष्पक्ष और ईमानदार क्रिकेट की लड़ाई जारी रखी जाएगी।

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