उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के भ्रष्टाचार की बीसीसीआई कराए जांच – अरविंद सिंह

गाज़ीपुर। गाजीपुर क्रिकेट प्लेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश की महिला पदाधिकारियों की बैठक अलीगंज गेस्ट हाउस में आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) में कथित भ्रष्टाचार, चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं और खिलाड़ियों को अवसर दिए जाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में आरोप लगाया गया कि यूपीसीए की चयन प्रक्रिया में अनियमितताएं बरती जा रही हैं। उदाहरण देते हुए कहा गया कि भारत की अंडर-19 टीम के लिए खेल रहे क्रिकेटर आदित्य सिंह का नाम अंडर-23 चयन मैच के लिए चुने गए 120 खिलाड़ियों की सूची में शामिल नहीं है। वहीं, उत्तर प्रदेश की ओर से खेलने वाले धनंजय यादव, सुजीत गिरी, सत्यम और प्रियांशु जैसे खिलाड़ियों के नाम सूची में शामिल नहीं होने की बात कही गई। क्रिकेट प्लेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद सिंह ने कहा कि रणजी ट्रॉफी के ट्रायल मैच कानपुर के ग्रीन पार्क और कमला क्लब में आयोजित किए गए थे। निर्धारित दो मैचों में से केवल एक मैच हो सका, जबकि दूसरा मैच बारिश के कारण नहीं हो पाया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चयनकर्ता मौके पर मौजूद थे, तो रणजी ट्रॉफी जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगिता के लिए दूसरा मैच आयोजित करने के लिए पर्याप्त समय क्यों नहीं दिया गया। अरविंद सिंह ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश रणजी ट्रॉफी टीम में ऐसे क्रिकेटरों को शामिल किया जा रहा है, जिन्होंने यूपी टी-20 में लगभग 13 रन के औसत से प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि अंडर-16, अंडर-19, अंडर-23 और रणजी ट्रॉफी के चयन मैच कथित तौर पर केवल खानापूर्ति तक सीमित रह गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजीव शुक्ला और युद्धवीर सिंह के प्रभाव के कारण मेरठ, सहारनपुर और गाजियाबाद के क्रिकेटरों को अंडर-14, अंडर-16, अंडर-19, अंडर-23, रणजी ट्रॉफी और यूपी टी-20 में अवसर मिल रहे हैं, जबकि पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों के साथ कथित रूप से भेदभाव किया जा रहा है। अरविंद सिंह ने कहा कि जब उत्तर प्रदेश के क्रिकेटरों द्वारा चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जाते हैं, तो कथित तौर पर यह जवाब दिया जाता है कि टीम राजीव शुक्ला और युद्धवीर सिंह द्वारा बनाई जाती है। उन्होंने इन आरोपों को यूपीसीए में कथित भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की। प्रदेश सचिव गीता ने महिला क्रिकेट खिलाड़ियों के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीसीए द्वारा महिला क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त प्रतियोगिताओं का आयोजन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने महिला टी-20 प्रतियोगिताएं आयोजित नहीं किए जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे महिला खिलाड़ियों को पर्याप्त अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर यूपीसीए का घेराव करने की बात कही। क्रिकेट प्लेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने चयन मैचों में अंपायरों पर कथित दबाव बनाए जाने के भी आरोप लगाए। उनका दावा है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आउट कराने और कथित रूप से पसंदीदा या पैसे देने वाले खिलाड़ियों को टीम में शामिल कराने का प्रयास किया जाता है। इस दौरान सहारनपुर में एक अंपायर की आत्महत्या की घटना का भी उल्लेख किया गया।अरविंद सिंह ने कहा कि जब तक राजीव शुक्ला और युद्धवीर सिंह यूपीसीए में रहेंगे, तब तक मध्य उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के खिलाड़ियों को उचित अवसर मिलने में कठिनाई होगी। उन्होंने मध्य यूपी और पूर्वांचल के खिलाड़ियों से कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाने और जनआंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया। बैठक में प्रस्ताव पारित किया गया कि मध्य उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के क्रिकेट खिलाड़ियों को चयन प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों के प्रति जागरूक किया जाए तथा यूपीसीए के चयन मैचों के बहिष्कार का आह्वान किया जाए। साथ ही, बीसीसीआई को यूपीसीए में कथित चयन संबंधी भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितताओं से जुड़ी जानकारी देने की बात कही गई।क्रिकेट प्लेयर एसोसिएशन ने कहा कि जल्द ही पूर्वांचल क्रिकेट प्लेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के नेतृत्व में यूपीसीए के खिलाफ बड़े जनआंदोलन की तैयारी की जा रही है। एसोसिएशन ने सभी क्रिकेट खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों से बड़ी संख्या में इसमें भाग लेने की अपील की।अरविंद सिंह ने कथित अनियमितताओं में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच में भ्रष्टाचार या अन्य वित्तीय एवं चयन संबंधी अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

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