बाढ़ आपदा से निपटने को NDRF की मॉक ड्रिल।

गाजीपुर। बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और गाजीपुर जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से मॉक ड्रिल एवं मोबिलाइजेशन अभ्यास का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन गाजीपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित गंगा नदी के पोस्ताघाट पर किया गया, जहां प्रशासनिक अधिकारियों, एनडीआरएफ एवं विभिन्न विभागों की टीमों ने भाग लिया।
मॉक ड्रिल के दौरान सदर एसडीएम रवीश कुमार गुप्ता राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे, जबकि एनडीआरएफ वाराणसी के डिप्टी कमांडेंट राम भुवन अपनी यूनिट के साथ उपस्थित रहे। अभ्यास के माध्यम से लोगों को बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में सुरक्षित रहने और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करने के प्रति जागरूक किया गया। ड्रिल में नाव पलटने, नावों की आपसी टक्कर, बाढ़ में लोगों के फंसने तथा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों का वास्तविक प्रदर्शन किया गया। एनडीआरएफ के जवानों ने अत्याधुनिक बचाव उपकरणों का प्रयोग करते हुए बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया। वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घायलों को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। इस संयुक्त अभ्यास में तहसील प्रशासन, राजस्व विभाग, एसडीआरएफ, पुलिस, जल पुलिस, फायर ब्रिगेड तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। पत्रकारों द्वारा गंगा घाट की बदहाली को लेकर पूछे गए सवाल पर एसडीएम ने कहा कि यह मामला संबंधित विभाग के संज्ञान में लाया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बाढ़ की स्थिति में जनता और प्रशासन की तैयारियों को परखना तथा जागरूकता बढ़ाना है।एसडीएम रवीश कुमार गुप्ता ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य बाढ़ राहत कार्यों में त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता विकसित करना, बचाव कार्यों की दक्षता बढ़ाना तथा विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। आपदा की स्थिति में समय पर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के अभ्यास अत्यंत आवश्यक हैं। डिप्टी कमांडेंट ने बताया कि गाजीपुर जिले के गंगा घाटों एवं संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में यह अभ्यास कराया जा रहा है। इसमें एनडीआरएफ के साथ प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, जल पुलिस, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग की टीमें शामिल हैं। मॉक ड्रिल के दौरान नाव दुर्घटना, बाढ़ में फंसे लोगों के बचाव और आपातकालीन प्रतिक्रिया की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत कार्य सुनिश्चित किए जा सकें।

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