गाजीपुर। नोनहरा थाना क्षेत्र के चक कमरौरा गांव में जमीन की पैमाइश को लेकर हुए विवाद के बाद नदी में लापता हुए 25 वर्षीय रामबाबू का शव शुक्रवार सुबह समनपुर घाट के पास मिला। करीब 36 घंटे तक तलाश के बाद पुलिस, पीएसी और गोताखोरों की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला गया। शव मिलने के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग की।जानकारी के अनुसार, 7 अक्टूबर को जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व टीम पुलिस बल के साथ गांव में जमीन की पैमाइश करने पहुंची थी। इसी दौरान कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई। लेखपाल की तहरीर के मुताबिक, पुलिस और राजस्व कर्मियों पर हमला किया गया, जिसमें उपनिरीक्षक रामानंद सिंह समेत पांच लोग घायल हो गए।
घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई के दौरान रामबाबू उर्फ विक्की के नदी में कूदने की बात सामने आई। इसके बाद वह लापता हो गया। पुलिस और गोताखोरों ने उसकी तलाश शुरू की। गुरुवार को भी खोजबीन जारी रही, लेकिन सफलता नहीं मिली। शुक्रवार सुबह समनपुर घाट के पास उसका शव बरामद हुआ।शव मिलने के बाद परिजनों ने पुलिस पर युवक को बचाने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया और मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने विवादित जमीन पर ही शव दफनाने की मांग भी रखी। वहीं, भीम आर्मी की जिलाध्यक्ष शत्रुघ्न भारती ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने, मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता देने और ग्रामीणों के खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग की।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव को देखते हुए आसपास के थानों की पुलिस और पीएसी तैनात की गई। मामले में पुलिस और ग्रामीणों के आरोप अलग-अलग हैं। घटना से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच और आधिकारिक पुष्टि के बाद ही जिम्मेदारी तय हो सकेगी।


