नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर दतिया में बवाल, 27 नेताओं पर FIR

दतिया/भोपाल। मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा द्वारा पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटे जाने के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। टिकट घोषित होते ही दतिया में उनके समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा। कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया, झांसी-ग्वालियर नेशनल हाईवे पर जाम लगाया और भाजपा कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की। मामले में पुलिस ने 27 नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

प्रदर्शन के चलते कई घंटों तक हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा। बड़ी संख्या में समर्थक सड़क पर उतर आए, जबकि कुछ स्थानीय भाजपा पदाधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए इस्तीफे की पेशकश भी कर दी। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को हटाया और यातायात सामान्य कराया।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पार्टी ने उन्हें हमेशा सम्मान दिया है और टिकट नहीं मिलने का फैसला संगठन का निर्णय है। उन्होंने कहा कि किसी बड़े नेता का फोन नहीं आया और मुख्यमंत्री आवास जाकर भी वे खाली हाथ लौटे। हालांकि उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की कि वे किसी भी तरह का विरोध-प्रदर्शन न करें और पार्टी के फैसले का सम्मान करें।

घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री आवास पर भाजपा की अहम बैठक हुई, जिसमें मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष और संगठन के वरिष्ठ नेताओं ने स्थिति पर चर्चा की। बैठक के बाद पार्टी ने साफ किया कि भावनाओं में दिए गए इस्तीफे स्वीकार नहीं किए जाएंगे और सभी नेताओं-कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर उपचुनाव लड़ना होगा। पार्टी ने यह भी संकेत दिए कि नरोत्तम मिश्रा के अनुभव का चुनाव प्रचार में उपयोग किया जाएगा।

भाजपा ने दतिया उपचुनाव के लिए डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। इस फैसले के बाद प्रदेश की राजनीति में चर्चाओं का दौर जारी है। विपक्ष भी इस मुद्दे को लेकर भाजपा के भीतर असंतोष का आरोप लगा रहा है।

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