नववर्ष पर हथियाराम सिद्धपीठ मठ में उमड़ा आस्था का सैलाब, मां बुढ़िया माई के दर्शन को लगी लंबी कतारें

गाजीपुर/ जखनिया नववर्ष के शुभ अवसर पर जखनिया क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध हथियाराम सिद्धपीठ मठ में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ी। वर्ष के प्रथम दिन मां बुढ़िया माई का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोर से ही मठ परिसर में पहुंचने लगे। सुबह से शुरू हुआ दर्शन-पूजन का सिलसिला देर शाम तक लगातार चलता रहा। मान्यता है कि हथियाराम सिद्धपीठ मठ में विराजमान मां बुढ़िया माई सच्चे मन से की गई प्रार्थना को अवश्य पूर्ण करती हैं। इसी आस्था के चलते नववर्ष, नवरात्र, सोमवार और अन्य विशेष पर्वों पर यहां भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। नववर्ष के अवसर पर भक्तों ने परिवार की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हुए मां के चरणों में शीश नवाया।

सुबह से ही महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों और युवाओं की लंबी कतारें मठ के मुख्य द्वार से लेकर गर्भगृह तक लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने नारियल, चुनरी, फूल और प्रसाद अर्पित कर मां बुढ़िया माई की विधिवत आराधना की। मठ परिसर “जय मां बुढ़िया माई” के जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मठ समिति द्वारा दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और प्रसाद वितरण की व्यवस्था व्यवस्थित रूप से संचालित की गई। नववर्ष के अवसर पर कई श्रद्धालुओं ने मन्नत पूरी होने पर भंडारे का आयोजन किया। जगह-जगह प्रसाद वितरण होता रहा, जिससे सेवा और आपसी सौहार्द का वातावरण बना रहा। मठ के पुजारियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हथियाराम सिद्धपीठ मठ जखनिया क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां दर्शन मात्र से श्रद्धालुओं को मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होती है। नववर्ष के इस पावन अवसर पर मां बुढ़िया माई का आशीर्वाद पाकर श्रद्धालु स्वयं को धन्य महसूस करते नजर आए। कुल मिलाकर नववर्ष के आगमन पर हथियाराम सिद्धपीठ मठ में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ क्षेत्र की गहरी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का सजीव उदाहरण बनी। श्रद्धालुओं ने मां बुढ़िया माई से नववर्ष को सभी के लिए सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण बनाने की कामना की।

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