
गाजीपुर । पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश रामावतार प्रसाद ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में आरोपी जयहिंद को 20 साल की सश्रम कारावास और 40 हज़ार रुपये के अर्थदंड की सज़ा सुनाई है। अदालत ने ये भी आदेश दिया है कि अर्थदंड की आधी राशि पीड़िता को मुआवज़े के रूप में दी जाए। इस मामले की पुष्टि विशेष लोक अभियोजक रविकांत पांडेय ने बुधवार शाम करीब 5 बजे की। उन्होंने बताया कि यह पूरा मामला बहरियाबाद थाना क्षेत्र का है। दरअसल, 4 जून 2023 को नाबालिग बच्ची शाम को बाज़ार जा रही थी। वापस लौटते वक्त आरोपी जयहिंद ने रास्ते में सुनसान जगह पर रोक लिया, और चाकू दिखाकर उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। पीड़िता बेहोश हो गई। होश आने पर किसी तरह घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना बताई। परिजन घबराकर उसे पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बहरियाबाद ले गए। जहां से उसे आजमगढ़ पीजीआई के लिए रेफर कर दिया गया। इलाज के बाद जब लड़की ने पूरी आपबीती सुनाई। तो पिता ने थाने में तहरीर दी, और केस दर्ज हुआ। मामले की विवेचना के बाद 31 जुलाई 2023 को अदालत में चार्ज फ्रेम हुआ। विवेचना के दौरान कुल 9 गवाहों ने अदालत में बयान दिया, जिन्होंने अभियोजन के पूरे कथानक को सच साबित किया। बहस पूरी होने के बाद अदालत ने बुधवार को अपना फैसला सुनाया। जिसमें आरोपी जयहिंद को 20 साल की सश्रम कैद और ₹40,000 के जुर्माने की सज़ा दी गई। अदालत ने यह भी कहा कि जुर्माने की 50 प्रतिशत राशि पीड़िता को दी जाए, ताकि उसे कुछ आर्थिक मदद मिल सके।

