भारत-अमेरिका रिश्तों पर ट्रंप का बड़ा बयान

बोले—पीएम मोदी से रिश्ते अच्छे हैं, लेकिन इस वक्त वह मुझसे खुश नहीं

वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि उनके और पीएम मोदी के बीच रिश्ते अच्छे हैं, लेकिन मौजूदा समय में प्रधानमंत्री उनसे खुश नहीं हैं। ट्रंप के अनुसार इसकी मुख्य वजह भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद है, जो अमेरिका को स्वीकार नहीं है।

ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि रूसी तेल खरीदने की वजह से भारत को ऊंचे टैरिफ चुकाने पड़ रहे हैं। उन्होंने यह संकेत भी दिया कि अमेरिका इस मुद्दे को लेकर सख्त रुख अपनाए हुए है।

“पीएम मोदी ने मुझसे मिलने के लिए समय मांगा” – ट्रंप का दावा

एक बैठक का जिक्र करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं उनसे मिलने के लिए समय मांगा था। ट्रंप ने इसे भारत-अमेरिका रिश्तों की मजबूती से जोड़ा, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि वर्तमान हालात में नाराजगी मौजूद है।

रक्षा सहयोग का भी जिक्र

रक्षा सहयोग पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि भारत लंबे समय से अपाचे हेलीकॉप्टरों का इंतजार कर रहा था। उन्होंने कहा कि अब इस दिशा में बदलाव हो रहा है और भारत ने 68 अपाचे हेलीकॉप्टरों का ऑर्डर दिया है।

पहले भी दे चुके हैं ऐसे बयान

यह पहला मौका नहीं है जब ट्रंप ने पीएम मोदी को लेकर इस तरह का बयान दिया हो। इससे पहले भी ट्रंप ने कहा था कि “प्रधानमंत्री मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं और वह जानते हैं कि इस वक्त मैं खुश नहीं हूं। मुझे खुश करना जरूरी है।”
इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा हुई थी।

टैरिफ को लेकर बार-बार चेतावनी

ट्रंप पहले भी भारत को चेतावनी दे चुके हैं कि अमेरिका चाहे तो भारत पर बहुत तेजी से टैरिफ बढ़ा सकता है। उनका कहना रहा है कि भारत अमेरिका के साथ व्यापार करता है, लेकिन रूस से तेल खरीदकर गलत संदेश देता है। ट्रंप यह भी कह चुके हैं कि जो देश रूस के साथ व्यापार जारी रखेंगे, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

टैरिफ बढ़ाने का दावा

पिछले वर्ष ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने का दावा किया था। इसके अलावा रूसी तेल खरीद को लेकर 25 प्रतिशत अतिरिक्त पेनल्टी टैरिफ लगाने की बात कही गई थी, जिससे कुछ भारतीय उत्पादों पर कुल टैक्स 50 प्रतिशत तक पहुंचने का दावा किया गया।
भारत ने उस समय साफ किया था कि उसके फैसले राष्ट्रीय हित और ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं।

हालिया फोन बातचीत के बाद बयान

गौरतलब है कि ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय पर आई है जब कुछ सप्ताह पहले ही ट्रंप और पीएम मोदी के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। उस बातचीत में दोनों नेताओं ने टैरिफ से जुड़े तनाव के बावजूद व्यापार और सहयोग आगे बढ़ाने पर सहमति जताई थी।

फोन कॉल से कुछ दिन पहले ट्रंप ने भारतीय चावल को लेकर भी नाराजगी जताई थी। एक राउंडटेबल बैठक में उन्होंने सवाल उठाया था कि भारत को चावल पर छूट क्यों मिल रही है और यह चेतावनी दी थी कि भारत को भी टैरिफ देना होगा।

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