गाजीपुर में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी सैकड़ों महिलाएं मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गईं। गुरुवार दोपहर 12 बजे उन्होंने विकास भवन में प्रदर्शन किया। सुनवाई न होने पर वे नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचीं।जिलाधिकारी कार्यालय में नहीं थे। कर्मचारियों ने महिलाओं को एसडीएम को पत्र देने को कहा, पर उन्होंने मना कर दिया। महिलाएं दरवाजे पर ही धरने पर बैठ गईं और मांग पूरी न होने तक न उठने की बात कही।समूह सखी नीलम ने बताया कि चार साल से उन्हें आजीविका से जोड़ा गया है। रोजाना गांव-गांव जाकर काम करने के बावजूद सिर्फ 2 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय मिलता है।महंगाई में इस राशि से घर चलाना मुश्किल है। वे अपना मानदेय बढ़ाकर कम से कम 15 हजार रुपए प्रतिमाह करने की मांग कर रही हैं। उनका आरोप है कि भुगतान भी नियमित नहीं होता।
समूह सखी नीलम ने बताया कि करीब चार वर्षों से वे आजीविका से जुड़कर गांव-गांव जाकर काम कर रही हैं। इसके बावजूद उन्हें 2 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। महिलाओं का कहना है कि वर्तमान महंगाई में इतनी राशि में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल है।महिलाओं ने मानदेय बढ़ाकर कम से कम 15 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग की। साथ ही उन्होंने मानदेय के भुगतान में नियमितता नहीं होने का भी आरोप लगाया और समस्याओं के समाधान की मांग की।


