कृपाशंकर यादव
गाजीपुर। समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने और गरीब बच्चों के भविष्य को संवारने के उद्देश्य से समाजसेवी एवं जिला पंचायत प्रत्याशी इम्तियाज सिद्दीकी उर्फ शिबू ने लगातार दो दिनों तक सराहनीय पहल करते हुए जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क कॉपी-कलम वितरित कर मानवता की मिसाल पेश की। पहले दिन यह कार्यक्रम गाजीपुर जनपद के दुल्लहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत जहानपुर मौजा की राजभर बस्ती, हरिजन बस्ती सहित अन्य पिछड़ी व गरीब बस्तियों में आयोजित किया गया।
इसके बाद अगले दिन बड़ा गांव में भी उसी उद्देश्य के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। दोनों ही स्थानों पर शिक्षा से वंचित अथवा संसाधनों के अभाव में पढ़ाई से दूर हो रहे बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम के दौरान इम्तियाज सिद्दीकी ने ऐसे बच्चों को एकत्र किया, जिनके पास कॉपी-कलम जैसी बुनियादी शैक्षणिक सामग्री नहीं थी। उन्होंने बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावकों से भी संवाद कर शिक्षा के महत्व को सरल शब्दों में समझाया और बताया कि शिक्षा ही वह मजबूत आधार है, जिससे आने वाली पीढ़ी आत्मनिर्भर और सम्मानित जीवन जी सकती है।
दोनों गांवों में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लगभग दो दर्जन से अधिक गरीब बच्चों को निःशुल्क कॉपी और कलम वितरित किए गए। बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह देखने लायक था। अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने का संकल्प लिया। इस सामाजिक कार्यक्रम में सौहार्द एवं बंधुत्व मंच के संचालक हिमांशु मौर्य भी उपस्थित रहे। उन्होंने इम्तियाज सिद्दीकी के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं और जरूरतमंद बच्चों के जीवन में नई उम्मीद जगाते हैं। गौरतलब है कि इम्तियाज सिद्दीकी उर्फ शिबू आज़ाद समाज पार्टी से जखनिया विधानसभा अध्यक्ष भी हैं और लंबे समय से सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
इस अवसर पर उन्होंने ऐलान किया कि वे कक्षा 1 से कक्षा 5 तक के गरीब परिवारों के बच्चों एवं बच्चियों को जीवन भर अपनी ओर से मुफ्त कॉपी-कलम और आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराते रहेंगे। उनकी इस पहल को दोनों गांवों के बुजुर्गों, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों ने खूब सराहा। लोगों का कहना है कि इस तरह के कार्य न सिर्फ बच्चों को शिक्षा की ओर प्रेरित करते हैं, बल्कि समाज में भाईचारे और मानवता का संदेश भी मजबूत करते हैं। क्षेत्र में यह कार्यक्रम प्रेरणादायक पहल के रूप में चर्चा का विषय बना हुआ है।

