यज्ञ से समाज एवं प्रकृति का संस्कार होता है – योगी बिजेंद्र जी महराज

गाजीपुर । भांवरकोल क्षेत्र के शेरपुर पंचायत के मृत्युंजय राय व्यायामशाला मैदान में नौ दिवसीय शक्ति रुद्र महायज्ञ में पूजा, परिक्रमा, प्रवचन का दौर जारी है। वहीं आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोंच्चारण की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया । इस मौके पर परम संत योगी बिजेंद्र नाथ जी ने यज्ञ के महत्व पर कहा कि यज्ञ से प्रकृति एवं समाज का संस्कार होता है। जीव में भक्ति ज्ञान एवं वैराग्य के भाव उत्पन्न होते हैं। इसके दर्शन मात्र से व्यक्ति के पाप पुण्य में बदल जाते हैं। उन्होंने कहा कि यज्ञ का धुआं वातावरण एवं वायु मंडल को शुद्ध करने के साथ लोगों के आत्मबल को बढ़ाता है। यज्ञ से वातावरण में शुद्धता के साथ-साथ अपने भीतर के अवगुण भी दूर होते हैं। साथ ही समाज में भाईचारगी एवं सद्भाव का वातावरण का सृजन होता है ।यज्ञ के दौरान सभी देवतागण सूक्ष्म रूप से उपस्थित होकर जीव को आशीर्वाद देते हैं। उन्होने कहा कि- कलयुग केवल नाम अधारा सुमिर सुमिर नर उतरहि पारा। कलियुग में भगवान का स्मरण मात्र से जीव के सभी पापों से मुक्ति का एक मात्र आधार ईश्वर की भक्ति ही है। भगवान का नाम स्मरण करने से ही भक्तों को मोक्ष का रास्ता प़शस्त हो जाता है। उन्होंने बताया कि यज्ञ से मन, शरीर, और बुद्धि जागृत होती है तथा आत्मज्ञान और आत्म-साक्षात्कार होता है।शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है।जीवन में सफलता और समृद्धि मिलती है शिव शक्ति रुद्र महायज्ञ भगवान शिव की पूजा का शक्तिशाली और सर्वोच्च रूप है। सभी प्राणियों के कल्याण, सार्वभौमिक शांति और समृद्धि एवं विश्व कल्याण को बढ़ाने के लिए किया जाता है। यज्ञ पाप एवं अधर्म की नाश के लिए किया जाता है। यज्ञाचार्य श्रीधर द्विवेदी जी की देखरेख में आज यज्ञ मंडप में 16 आचार्यों द्वारा कुल 9 यजमान सपत्नीक पूजा अर्चन एवं नौ ग्रहों की पूजा की ।इस मौके संत ज्ञानानंद जी महराज, नर्मदानंद गिरी जी, चंन्द़शेखर अघोरी जी महराज,, मुकेश शास्त्री, लल्लन राय, डा० रमेश राय,रबींद्र राय,आनंद पहलवान, धनंजय राय, डब्बू राय,विनित राय सहित काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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