राजमाता सुमित्रा देवी की पुण्य तिथि पर 556 जरूरतमंदों को कंबल, भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन

कृपाशंकर यादव

गाजीपुर। राजमाता सुमित्रा देवी की दूसरी पुण्य तिथि के अवसर पर मंगलवार, 2 जनवरी, को एमएसडी पॉलिटेक्निक कैंपस में सामाजिक सेवा, मानवता और संवेदनाओं से ओत-प्रोत एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं आयोजक एमएसडी ग्रुप ऑफ कॉलेज के चेयरमैन राजा साहेब डॉ. सन्तोष कुमार मिश्रा रहे। इस अवसर पर उन्होंने 556 गरीब महिला एवं पुरुषों को कंबल वितरित किए तथा आयोजित रक्तदान शिविर में दर्जनों लोगों ने रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की।

कार्यक्रम की शुरुआत राजमाता सुमित्रा देवी एवं महाराज पंडित त्रिपुरारी मिश्रा की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ हुई। इसके पश्चात पूरा परिसर “राजमाता सुमित्रा देवी अमर रहें” और “महाराज पंडित त्रिपुरारी मिश्रा अमर रहें” के गगनभेदी उद्घोष से गूंज उठा।

इस अवसर पर आसपास के क्षेत्रों से आए हजारों ग्रामीणों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम का कुशल संचालन अधिवक्ता अवधेश शर्मा ने किया। कार्यक्रम में वक्ताओं के रूप में अरुण पाठक, अर्जुन राय, डॉ. राजेश उपाध्याय, राकेश तिवारी व्यास, रविन्द्र कुमार मिश्रा, चंद्रजीत राजभर, अभिषेक उपाध्याय, विंध्यवासिनी तिवारी एवं रविकांत तिवारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए समाज, सेवा और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान पर प्रकाश डाला।

अपने संबोधन में राजा साहेब डॉ. सन्तोष कुमार मिश्रा ने अपने माता-पिता के जीवन मूल्यों और व्यक्तित्व को याद करते हुए कहा कि उनकी माता राजमाता सुमित्रा देवी सदैव निष्पक्ष, साहसी और न्यायप्रिय थीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में उनकी माता के नाम पर एमएसडी पॉलिटेक्निक कॉलेज, एमएसडी आदर्श होम्योपैथी कॉलेज एवं मां विंध्यवासिनी सुमित्रा देवी एजुकेशनल ट्रस्ट की स्थापना की गई, जबकि उनके पिता के नाम पर पंडित त्रिपुरारी मिश्रा महाविद्यालय एवं पंडित त्रिपुरारी मिश्रा फार्मेसी कॉलेज स्थापित किए गए, जो आज भी शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

उन्होंने अपने पूर्वजों का उल्लेख करते हुए बताया कि उनके बाबा रामनाथ जी ब्रिटिश काल में हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी एवं उर्दू के विद्वान थे और रेलवे विभाग में सेवा करते थे। उनके चारों पुत्र सरकारी सेवा में रहे, जिनमें महाराज पंडित त्रिपुरारी मिश्रा भी शामिल थे।

डॉ. सन्तोष कुमार मिश्रा ने उपस्थित जनसमूह से अपने माता-पिता के सम्मान, सेवा और स्मरण का आह्वान करते हुए उनकी स्मृति में प्रस्तावित मूर्ति स्थल निर्माण में सहयोग की अपील की, जहां उनके माता-पिता की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।

कार्यक्रम का समापन कंबल एवं मिष्ठान वितरण के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने राजा साहेब डॉ. सन्तोष कुमार मिश्रा के समाजसेवी कार्यों की सराहना करते हुए इसे सेवा, संस्कार और मानवता का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version