गाजीपुर। राजकीय होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज में विश्व मधुमेह दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। इस कार्यशाला का उद्देश्य लोगों को मधुमेह के बारे में जागरूक करना और इसके प्रभावों के बारे में जानकारी प्रदान करना था। वर्ल्ड डायबिटीज डे 2025 के लिए “मधुमेह और स्वास्थ्य” थीम रखी गई है, जिसका उद्देश्य लोगों तक यह बात पहुंचाना है कि डायबिटीज सिर्फ ब्लड शुगर का मुद्दा नहीं है, बल्कि लाइफ क्वालिटी, शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक मेल से जुड़ा विषय है। इस अवसर पर विशेषज्ञों ने मधुमेह के कारणों, लक्षणों, और इसके प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डायबिटीज के साथ रहने वाले लोगों को रोज-रोज की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिसमें सामाजिक भेदभाव, मानसिक थकान आदि समस्याएं शामिल हैं। कार्यशाला में उपस्थित लोगों ने मधुमेह के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसके प्रभावों को कम करने के लिए संकल्प लिया। उन्होंने बताया कि डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए स्वस्थ आहार, नियमित व्यायाम, और तनाव को कम करना आवश्यक है। इस अवसर पर राजकीय गाजीपुर होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल, शिक्षक, कर्मचारी, और छात्र उपस्थित थे। कार्यशाला का संचालन कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सकों द्वारा किया गया। कार्यशाला में उपस्थित लोगों ने बताया कि डायबिटीज एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसका समय पर इलाज नहीं कराया गया तो यह कई अन्य बीमारियों को जन्म दे सकती है। उन्होंने बताया कि डायबिटीज को नियंत्रित करने के लिए जीवनशैली में बदलाव करना आवश्यक है। कार्यशाला के अंत में उपस्थित लोगों ने मधुमेह के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसके प्रभावों को कम करने के लिए संकल्प लिया।

