वैश्विक स्तर पर पड़े हैं रूस – यूक्रेन युद्ध के प्रभाव

गाज़ीपुर । एकल व्याख्यानमाला कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को स्नातकोत्तर महाविद्यालय मलिकपूरा के सैन्य विज्ञान विभाग द्वारा किया गया। “रूस – यूक्रेन युद्ध: भारत एवं विश्व पर प्रभाव” विषयक व्याख्यान माला महाविद्यालय के सैन्य विभाग प्रभारी डॉ. प्रिन्स कुमार कसौधन के संयोजकत्व में सम्पन्न हुई।व्याख्यान माला के विषय वस्तु पर मुख्य वक्ता डॉ. प्रदीप कुमार राय, सहायक प्राध्यापक, मर्यादा पुरुषोत्तम पी.जी. कालेज, मऊ ने विस्तृत जानकारी देते हुए वैश्विक स्तर पर उसके विस्तृत प्रभावों का वर्णन किया। उन्होंने विषय को वैश्विक परिदृश्य में संबोधित करते हुए यूक्रेन व रूस के आपसी सम्बन्ध, नाटो की भूमिका और भारत की वैश्विक रणनीति पर विशेष रूप से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इसमें भारत तटस्थ की भूमिका में रहा।उन्होंने कहा कि 24 फरवरी 2022 को रुस ने यूक्रेन पर हमला किया था। वैश्विक स्तर पर इसका प्रभाव विभिन्न क्षेत्रों में पड़ा। इस युद्ध के विस्तारित होने की सम्भावनाओं के मद्देनजर यूक्रेन के जानमानस पर गंभीर खतरा पैदा किया और लाखों लोगों के विस्थापित होने से उन पर मानवीय आर्थिक व सामाजिक संकट उत्पन्न हो गये। यूक्रेन और रूस दोनों महत्वपूर्ण खाद्यान्न उत्पादक देश हैं और अनेक देशों को खाद्य सामग्री निर्यात करते हैं। ऐसे में इस युद्ध का व्यापक प्रभाव उन देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ा। रूस-यूक्रेन युद्ध ने भारत और विश्व दोनों पर व्यापक प्रभाव डाला है और इसके दुष्प्रभाव लम्बे अरसे तक दिखते रहेंगे।व्याख्यान के बाद प्रश्नोत्तर काल में वक्ता डॉ. प्रदीप कुमार राय ने छात्र-छात्राओं के प्रश्नों का यथोचित उत्तर देकर उनकी जिज्ञासा को शान्त कर उनका ज्ञानवर्धन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अभिषेक कुमार तथा संचालन एकल व्याख्यानमाला कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. सर्वेश पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों सहित महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। धन्यवाद ज्ञापन अभिषेक कुमार ने किया।

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