गाजीपुर ऊर्जा मंत्री के औचक निरीक्षण के वायरल वीडियो के बाद बिजली विभाग में बड़ी कार्रवाई हुई है। महरौर–रसड़ा मार्ग पर 11 केवी बिजली लाइनें मानक से काफी नीचे लटकी मिलीं, जिसके बाद विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए महरौर उपकेंद्र के जेई को निलंबित कर दिया है। वहीं जंगीपुर के अधिशासी अभियंता और कासिमाबाद के एसडीओ को भी आरोप पत्र जारी किया गया है। मंत्री के निर्देश पर एमडी और चीफ इंजीनियर ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। बता दें कि गाजीपुर में बिजली विभाग की लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। दरअसल 1 अप्रैल को उत्तर प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री के दौरे के दौरान जंगीपुर विद्युत वितरण खंड के अंतर्गत महरौर क्षेत्र का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के दौरान महरौर से रसड़ा मार्ग पर 11 केवी बिजली लाइनें निर्धारित मानकों से काफी नीचे लटकी हुई पाई गईं, जिसे गंभीर सुरक्षा चूक माना गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए ऊर्जा मंत्री ने तत्काल जांच के निर्देश दिए।मंत्री के निर्देश के बाद पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी शंभु कुमार और मुख्य अभियंता अनिल वर्मा मौके पर पहुंचे और स्थलीय निरीक्षण किया। जांच में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आने पर 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र महरौर के अवर अभियंता धर्मेंद्र पाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं जंगीपुर विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुमार तिवारी और कासिमाबाद विद्युत उपखंड के एसडीओ मनोज कुमार वर्मा को भी विभाग की ओर से आरोप पत्र जारी किया गया है।ऊर्जा मंत्री के निरीक्षण के बाद हुई इस कार्रवाई से बिजली विभाग में हड़कंप मच गया है।



