गाजीपुर के सुहवल थाना क्षेत्र में गंगा घाट पर हुई एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। शादी की खुशियों के बीच हुआ यह हादसा कुछ ही पलों में मातम में बदल गया, जब 18 वर्षीय युवक गंगा की तेज धारा में समा गया। मां की आंखों के सामने बेटे का डूबना और उनकी बेबसी भरी चीखें अब गांव की सबसे दर्दनाक याद बन गई हैं। पूरा मामला गाजीपुर जिले के गरूआ मकसूदपुर गांव का है, जहां एक पारिवारिक शादी के बाद पारंपरिक रस्म ‘कंकन छुड़ाने’ के लिए महिलाएं और परिजन गंगा घाट पहुंचे थे। परिवार में खुशी का माहौल था और पूजा-पाठ के साथ रीति-रिवाज निभाए जा रहे थे। इसी दौरान गीता देवी अपने छोटे बेटे परमेश्वर गुप्ता (18) के साथ घाट पर पहुंची थीं।
घाट पर मौजूद लोगों के अनुसार, अचानक परमेश्वर गंगा की तेज धारा में फंस गया। बेटे को डूबता देख मां गीता देवी जोर-जोर से चीखने लगीं। वहां मौजूद महिलाओं और लोगों ने साड़ी व कपड़े फेंककर उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव के कारण परमेश्वर उन्हें पकड़ नहीं सका और कुछ ही पलों में गंगा की लहरों में गायब हो गया।इस घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। शादी की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। परमेश्वर गुप्ता छह भाइयों में पांचवें नंबर पर था और इंटरमीडिएट का छात्र था। उसके पिता जोगिंदर गौतम मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं, जबकि परिवार के अन्य बेटे चेन्नई में नौकरी कर घर की आर्थिक मदद करते हैं। बेटे के लापता होने के बाद मां गीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। घर में मातम पसरा हुआ है और रिश्तेदारों का लगातार आना-जाना लगा हुआ है।



