रोहनिया/ वाराणसी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) वाराणसी जिला द्वारा स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर स्वामी श्रद्धानंद इंटरमीडिएट कॉलेज, रोहनिया में “आज का युवा और स्वामी विवेकानंद जी के आदर्श” विषय पर एक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
संगोष्ठी के मुख्य अतिथि प्रो. अनिल प्रताप सिंह, प्राचार्य जगतपुर पीजी कॉलेज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “युवा तब तक न रुके, जब तक वह अपने लक्ष्य को प्राप्त न कर ले। स्वामी विवेकानंद का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।”
विशिष्ट अतिथि प्रियांशु, क्षेत्रीय संयोजक (नेपाली विद्यार्थी कार्य, एबीवीपी) ने कहा कि यदि आज का युवा अपने जीवन में स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाए, तो निश्चित रूप से उसे जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलेगी।
जिला संयोजक राजमंगल सिंह ने कहा कि “शिक्षा के मंदिर केवल डिग्री बांटने के केंद्र नहीं होने चाहिए, बल्कि वे चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण की प्रयोगशालाएं हों।” उन्होंने युवाओं से राष्ट्रवादी सोच के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, गंगापुर परिसर इकाई द्वारा रंगोली एवं चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। प्रमाण पत्र वितरण परिसर प्रभारी मनीष सिंह, प्रियांशु एवं प्रांत सह संयोजक, राष्ट्रीय कला मंच आदित्य यादव द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में राजमंगल सिंह, पूर्व प्रांत प्रमुख स्वावलंबी भारत विनय पांडे, रोशनी सिंह, आदर्श राय, शिवम कुमार, अभिजीत कुशवाहा सहित अनेक एबीवीपी कार्यकर्ता एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।




