उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश में कफ सिरप घोटाले के बाद अब फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपात्रों के आयुष्मान भारत कार्ड बनाए जाने के बड़े खेल का खुलासा हुआ है। इस मामले में सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये की क्षति पहुंचाई गई। गिरोह के सरगना से पूछताछ और बरामद दस्तावेजों के आधार पर एसटीएफ को कई चौंकाने वाली जानकारियां हाथ लगी हैं।
जांच में सामने आया है कि अपात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड का अप्रूवल कराने के लिए इंप्लीमेंटेशन सपोर्ट एजेंसी (ISA) और स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA-PMJAY) से जुड़े अधिकारी हर महीने एक लाख रुपये की रिश्वत लेते थे।
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम सिंह के अनुसार, यह गिरोह करीब एक वर्ष से फर्जी दस्तावेजों के सहारे अपात्रों के आयुष्मान कार्ड बनवा रहा था। पूछताछ में गिरोह के मास्टरमाइंड चंद्रभान वर्मा (निवासी प्रतापगढ़) ने खुलासा किया कि उसने एक साल में 5000 से अधिक अपात्र लोगों के कार्ड बनवाए।
कार्ड अप्रूवल के बदले चंद्रभान वर्मा, ISA के वर्तमान एक्जीक्यूटिव सुजीत कनौजिया और सौरभ मौर्या, तथा पूर्व अफसर विश्वजीत सिंह को हर महीने एक लाख रुपये देता था। एजेंसी के एक अधिकारी से गिरोह हर महीने 10 से 15 फर्जी कार्डों का अप्रूवल कराता था।
गिरोह प्रति अपात्र व्यक्ति से 6 हजार से 10 हजार रुपये तक की वसूली करता था। शुक्रवार देर शाम एसटीएफ ने गिरोह के सरगना समेत सात जालसाजों को गिरफ्तार किया। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में एसटीएफ की दो टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।
🔍 बैंक खातों की जांच तेज
एएसपी एसटीएफ ने बताया कि गिरोह के सरगना चंद्रभान वर्मा सहित ISA के अधिकारी सुजीत कनौजिया, सौरभ मौर्या, पूर्व अफसर विश्वजीत सिंह, कल्याण सिंह कैंसर इंस्टीट्यूट, लखनऊ के कंप्यूटर ऑपरेटर और PED सेल के आयुष्मान मित्र रंजीत सिंह के बैंक खातों की गहन जांच की जा रही है।
इसके लिए कई बैंकों को संबंधित आरोपियों की जानकारी भेजकर लेन-देन का पूरा ब्यौरा मांगा गया है। बैंक डिटेल मिलने के बाद घोटाले से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
👮♂️ गिरफ्तार किए गए जालसाज
- चंद्रभान वर्मा – निवासी प्रतापगढ़ (वर्तमान पता: विजयनगर, खरगापुर, गोमतीनगर विस्तार) – मास्टरमाइंड
- राजेश मिश्रा – निवासी बाराबंकी
- सुजीत कनौजिया – बाराबंकी (वर्तमान ISA एक्जीक्यूटिव)
- सौरभ मौर्या – बाराबंकी (वर्तमान ISA एक्जीक्यूटिव)
- विश्वजीत सिंह – निवासी गाजीपुर (मरूतीपुरम कॉलोनी, इंदिरानगर)
- रंजीत सिंह – थाना माल, लखनऊ
- अंकित यादव – निवासी इटावा (सैफई)


