

गाजीपुर । मुहम्मदाबाद तहसील के भांंवरकोल क्षेत्र में गंगा नदी के उफान से जलस्तर लगातार बढ़ते रहने से संभावित बाढ़ के मद्देनजर देखते हुए तहसील प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। गुरुवार को सुबह उप जिलाधिकारी डा0 हर्षिता तिवारी अपने अधीनस्थों के साथ सेमरा और शेरपुर गंगा घाट पहुंचकर गंगा किनारे की स्थिति का निरिक्षण कर जायजा लिया । इस क़म में एसडीएम ने गंगा की जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण संभावित बाढ़ से बचाव एवं अस्थाई राहत शिविर में ग्रामीणों से बातचीत की । उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया की प्रशासन शासन की मनसा के अनुसार बाढ़ से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है । एस डी एम सदलबल प्राथमिक विद्यालय सेमरा पहुंचे और बाढ़ राहत चौकी का जायजा लिया। तथा बाढ़ राहत कार्यों की जानकारी देते हुए बाढ़ के दौरान किसी भी आकस्मिकता से निपटने के लिए मिलजुलकर सहयोग करने की भी लोगों से अपील की है । उधर गंगा नदी के रौद्र रूप के बाद खतरे का निशान पार करते ही अब गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से अब क्षेत्र के भांगड़ नाले से होते हुए मैदानी इलाके में फसलों को डूबोने लगा है। उधर बाढ़ का पानी मुबारकपुर के समीप नाले से उफन कर शेरपुर कला गांव के दक्षिण एवं पूरब सिवान को डूबोने लगा है। नदी के पलट प़वाह से दोनों पुरवे पानी से घिर गए हैं। तहसील प्रशासन की ओर से नावों की व्यवस्था की गई है। घरों तक पहुंचने के लिए लोग नावों को सहारा ले रहे हैं। इलाके के तटवर्ती गांवों शेरपुर का मुबारकपुर निषाद बस्ती , धर्मपुरा,माघी, पच्चासी आदि पुरवे सहित फिरोजपुर गांव पानी से घिरने से तहसील मुख्यालय से इन गांवों का सम्पर्क टुट गया है। वहीं बाढ़ से सैकड़ों बीघा खेतों में बोई गई परवल, मिर्च, टमाटर, करैला, लौकी आदि फसलें डूबने लगी है।जिससे किसान काफी हताश नजर आ रहे हैं। ज्ञात हो कि पूरे क्षेत्र में परवल, मिर्च, टमाटर, गोभी तथा लौकी तोरई, कद्दू, करैला आदि की खेती की गई है। लौकी, तरोई एवं करैला की फसल की तोड़ाई भी शुरू हो गई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो करईल इलाका भी बाढ़ की चपेट में आ जाएगा। ऐसे में यदि बाढ़ आई तो फसलों के डूब कर सड़ने से किसानों को भारी आर्थिक नुक़सान उठाना पड़ेगा। बहरहाल नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से भांवरकोल इलाके में बाढ़ के आसन्न खतरे को लेकर किसानों में काफी निराशा व्याप्त है।



