गाजीपुर गोचर भूमि से अवैध मजार हटाई गई। मरदह क्षेत्र के नसीरुद्दीनपुर गांव में गोचर भूमि पर बने कथित अवैध निर्माण को न्यायालय के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर हटाया। कार्रवाई के बाद सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया गया।
गाजीपुर (मरदह)। मरदह क्षेत्र के ग्राम पंचायत नसीरुद्दीनपुर में गोचर भूमि पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई न्यायालय के आदेश के अनुपालन में की गई। जिला प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में मौके पर पहुंचकर बुलडोजर की सहायता से निर्माण हटाया और भूमि को कब्जामुक्त कराया। प्रशासनिक कार्रवाई स्थानीय राजस्व न्यायालय के आदेशों के क्रम में की गई।
राजस्व अभिलेखों के अनुसार, ग्राम पंचायत नसीरुद्दीनपुर की गाटा संख्या 565 गोचर भूमि के रूप में दर्ज है। इस भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत मिलने के बाद उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 67 के तहत बेदखली की कार्रवाई शुरू की गई।
तहसीलदार सदर ने मामले में बेदखली का आदेश पारित किया था। इसके बाद संबंधित पक्ष इम्तियाज उर्फ सोनू ने अपर जिलाधिकारी (भू-राजस्व), गाजीपुर की अदालत में अपील दायर की। लंबी सुनवाई के बाद 17 जनवरी 2026 को अपर जिलाधिकारी ने तहसीलदार के आदेश को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी।
प्रशासन के अनुसार, न्यायालय के आदेश के बावजूद मौके से अतिक्रमण नहीं हटाया गया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष एवं काशी प्रांत के प्रांतीय मंत्री दुर्गेश कुमार श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी। साथ ही 20 अगस्त को जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग की।
शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए उप जिलाधिकारी सदर को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और न्यायालय के आदेश के अनुपालन में बुलडोजर की सहायता से अतिक्रमण हटाकर गोचर भूमि को कब्जामुक्त कराया।
कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने बताया कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की कार्रवाई राजस्व न्यायालय के आदेशों के अनुरूप की गई है।



