गाजीपुर। वाराणसी फोरलेन हाईवे पर नंदगंज थाना क्षेत्र के नैसारा के पास गुरुवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जब महाराष्ट्र से आए तीर्थयात्रियों से भरी तेज रफ्तार एक बस पर कथित तौर पर पत्थर फेंके जाने के बाद बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई और कई बार पलट कर सीधी हो गई। हादसे में दो महिला तीर्थयात्रियों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 35 से अधिक लोग घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, बस में करीब 50 यात्री सवार थे। सभी यात्री महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। ये तीर्थयात्री नेपाल से दर्शन कर लौटते समय वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर जा रहे थे। इससे पहले ये लोग भुसावल से चित्रकूट, अयोध्या होते हुए नेपाल पहुंचे थे और वापसी में गाजीपुर के रास्ते वाराणसी जा रहे थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को राजकीय मेडिकल कॉलेज गाजीपुर में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य का जायजा लिया। चश्मदीद तीर्थयात्री का बयान: “हम लोगों की बस के आगे एक पिकअप गाड़ी चल रही थी। उसकी स्पीड धीमी होने पर बस की हल्की टक्कर हो गई थी। ड्राइवर ने समझौता करने की बात कही, लेकिन पिकअप चालक ने आगे देख लेने की धमकी दी। जैसे ही हम लोग नंदगंज के पास पहुंचे, किसी ने ड्राइवर साइड के शीशे पर पत्थर फेंक दिया, जिससे बस अनियंत्रित होकर पलट गई और यह हादसा हो गया।”डीएम गाजीपुर अविनाश कुमार का बयान “गाजीपुर की नंदगंज थाना क्षेत्र के नए सारे में महाराष्ट्र के तीर्थ यात्रियों से भरी एक बस जिसमें कुल 48 लोग थे दुर्घटना में दो औरतों की मौत हो गई है और लगभग 35 लोग घायल हो गए हैं इसकी सूचना मिलने के बाद तुरंत अधिकारी और पुलिस मौके पर पहुंच गई थी सभी को मेडिकल कॉलेज गाजीपुर के अस्पताल लाया गया है जहां उनका इलाज चल रहा है, पत्थर फेंकने की बात पर डीम बोले कि इसकी गंभीरता से जांच कराई जा रही है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पत्थर फेंकने की घटना के पीछे के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।



