गाजीपुर। जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में विकास भवन के सभागार में किसानों के साथ किसान दिवस की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं प्रत्येक विकास खंड के प्रगतिशील किसानों ने प्रतिभाग किया। जिलाधिकारी ने पिछली किसान दिवस बैठक में प्राप्त शिकायतों पर की गई कार्रवाई की जानकारी ली, जिस पर उप कृषि निदेशक ने परिपालन आख्या विस्तारपूर्वक प्रस्तुत की। बैठक का उद्देश्य किसानों की समस्याओं को सुनना, उनके समाधान पर चर्चा करना तथा कृषि क्षेत्र में हो रहे नवाचारों और सरकारी योजनाओं का लाभ सभी किसानों तक सुनिश्चित करना था, ताकि कोई भी किसान लाभ से वंचित न रहे।

किसान दिवस के अवसर पर कृषि विभाग, उद्यान विभाग, पशुपालन विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, उन्नत बीज, जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई। बैठक में उपस्थित किसानों ने सिंचाई, खाद-बीज की उपलब्धता, फसल रोग, समर्थन मूल्य एवं विपणन से जुड़ी समस्याएं रखीं। जिलाधिकारी ने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके त्वरित निस्तारण का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके सशक्तिकरण के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। किसान दिवस जैसे कार्यक्रम किसानों और प्रशासन के बीच संवाद का सशक्त माध्यम हैं, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचता है।
उप कृषि निदेशक विजय कुमार ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत फार्मर रजिस्ट्री के महत्व को विस्तार से बताया और सभी किसानों से फार्मर रजिस्ट्री कराने का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि जनपद में ई-खसरा (डिजिटल क्रॉप सर्वे) की प्रक्रिया खरीफ, रबी एवं जायद फसलों के लिए सर्वेयरों द्वारा की जा रही है। यंत्रीकरण योजनान्तर्गत मैकेनाइजेशन एवं इन-सीटू योजनाओं में तीन ई-लॉटरी हो चुकी हैं, जिन किसानों ने अभी तक बुकिंग नहीं कराई है, वे अंतिम तिथि तक तत्काल बुकिंग करा लें।

कुसुम योजना के अंतर्गत सोलर पंप बुकिंग का यह अंतिम वर्ष है, जबकि अगले वित्तीय वर्ष में नए मानकों के तहत बुकिंग प्रारंभ होगी। प्राकृतिक खेती एवं आत्मा योजनान्तर्गत प्रशिक्षण की भी जानकारी दी गई। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जायद फसलों में उरद, मूंग, सहफसली गन्ना तथा हाइब्रिड मक्का बीज की बुकिंग शीघ्र प्रारंभ की जाएगी।
जिला उद्यान अधिकारी ने विभागीय योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि जायद में 50 हेक्टेयर क्षेत्र में सब्जी उत्पादन एवं बागवानी फसलों का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। खाद्य प्रसंस्करण के लिए 1400 यूनिट के लक्ष्य के सापेक्ष 35 प्रतिशत प्रगति हो चुकी है। एक एकड़ क्षेत्र में पॉलीहाउस स्थापना पर 50 प्रतिशत तथा ड्रिप सिंचाई पर 90 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध है।
बैठक के दौरान किसानों ने टिशू कल्चर बांस एवं महोगनी के पौधे उपलब्ध कराने की मांग की तथा ड्रैगन फ्रूट की खेती के संबंध में जानकारी ली। किसानों ने बिजली विभाग के अधिकारियों की बैठक में अनुपस्थिति का मुद्दा उठाया, जिस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि किसान दिवस से संबंधित सभी अधिकारी अनिवार्य रूप से बैठक में उपस्थित रहें। नलकूप विभाग के अधिशासी अभियंता की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए वेतन रोकने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने सिंचाई एवं नलकूप विभाग को निर्देशित किया कि किसानों को सिंचाई के लिए किसी भी प्रकार की समस्या न हो तथा नहरों में टेल तक पानी पहुंचाया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। कार्यक्रम के अंत में किसानों से आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं फसल विविधीकरण पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी सहित कृषक प्रतिनिधियों में बाबूलाल मानव, विनोद राय, छागुर राय, विपिन कुमार राय, रुद्र प्रताप सिंह, लालजी यादव, रामकुमार राय एवं अन्य संबंधित अधिकारी व किसान उपस्थित रहे।



