गाजीपुर। न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम रामअवतार प्रसाद की अदालत ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी रोशन उर्फ रुघुन राम को सोमवार को दस वर्ष के सश्रम कारावास और 40 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं सहआरोपी दुर्जन राम को साक्ष्यों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।
अभियोजन के अनुसार, जंगीपुर थाना क्षेत्र के एक ग्रामीण ने 13 अप्रैल 2021 को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि रात लगभग 9 बजे गांव का ही रोशन उर्फ रुघुन राम उसकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। पीड़िता के पिता जब पूछताछ के लिए आरोपी के घर पहुंचे तो उसके पिता दुर्जन राम ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया।
सूचना पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए जांच शुरू की। बाद में पीड़िता को बरामद कर मेडिकल परीक्षण कराया गया और न्यायालय में बयान दर्ज किए गए, जहां पीड़िता ने आरोपों की पुष्टि की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया तथा विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक रविकांत पांडेय ने prosecution पक्ष से कुल सात गवाह प्रस्तुत किए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने मुख्य आरोपी रोशन उर्फ रुघुन राम को दोषी मानते हुए सजा सुनाई और जेल भेज दिया।



