गाजीपुर। मुख्तार अंसारी नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में उसके करीबी शादाब उर्फ डंपी की 2.03 करोड़ रुपये मूल्य की छह संपत्तियाँ अटैच कर दीं। ये सभी संपत्तियाँ गाजीपुर स्थित फर्म विकास कंस्ट्रक्शन से जुड़ी बताई जा रही हैं, जिसे मुख्तार के नेटवर्क द्वारा संचालित माना जाता है।
ED की कार्रवाई के बाद डंपी के चैम्पियाबाग स्थित आलीशान बंगले पर सन्नाटा छाया रहा। अक्टूबर 2025 में जारी लुकआउट सर्कुलर के बाद डंपी को शारजाह से लखनऊ लौटते समय गिरफ्तार किया गया था। एजेंसी के अनुसार, उसने करीब 10 करोड़ रुपये के अवैध धन को लेयरिंग और कागजी लेन-देन के जरिए वैध बनाने में अहम भूमिका निभाई।
जांच में यह भी सामने आया कि विकास कंस्ट्रक्शन ने सरकारी जमीन पर गोदाम बनाकर उन्हें FCI को किराए पर दिया और नाबार्ड सब्सिडी के नाम पर भारी रकम वसूली। अब तक ED को 27. 72 करोड़ रुपये के प्रोसीड्स ऑफ क्राइम का पता लग चुका है।
डंपी दो कंपनियों के जरिए मुख्तार नेटवर्क के पैसों को बिजनेस ट्रांजैक्शन में दिखाकर चलाता था। इसी नेटवर्क में सक्रिय रहने के बदले उसे 1.91 करोड़ सैलरी और 74 लाख अनसिक्योर्ड लोन मिले, जिनसे उसने कई संपत्तियाँ खरीदीं।
ED की कार्रवाई के बाद स्थानीय प्रशासन सतर्क है, और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में मुख्तार नेटवर्क से जुड़े और नामों पर भी शिकंजा कस सकता है।



