
गाजीपुर। भांवरकोल क्षेत्र के शेरपुर खुर्द गांव में आयोजित दिव्य महामृत्युंजय यज्ञ के पावन अवसर पर जगतगुरु शंकराचार्य दंडी स्वामी अनंतानंद सरस्वती के सानिध्य में आध्यात्मिक वातावरण भक्तिरस से सराबोर हो उठा। यज्ञशाला में वेदमंत्रों की गूंज, श्रद्धालुओं की आस्था और संतवाणी के मधुर प्रवाह ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया। अपने प्रवचन में स्वामी अनंतानंद सरस्वती ने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि ये तीनों आध्यात्मिक जीवन के प्रमुख स्तंभ हैं, जो एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने समझाया कि भक्ति हृदय का मार्ग है, जो ईश्वर के प्रति अगाध प्रेम, श्रद्धा और पूर्ण समर्पण सिखाती है। भक्ति मनुष्य को भगवान से जोड़ती है और उसके भीतर सेवा व करुणा का भाव जागृत करती है। स्वामी जी ने कहा कि ज्ञान बुद्धि और विवेक का मार्ग है, जो मनुष्य को यह बोध कराता है कि वह केवल शरीर नहीं, बल्कि अमर आत्मा है। ज्ञान से मन शुद्ध होता है और जीवन के वास्तविक सत्य का अनुभव होता है। वहीं वैराग्य त्याग और अनासक्ति का मार्ग है, जो मनुष्य को संसार की मोह-माया और क्षणभंगुर सुखों से ऊपर उठकर आत्मिक उन्नति की ओर प्रेरित करता है। उन्होंने श्रीमद्भागवत महापुराण का उल्लेख करते हुए बताया कि उसमें भक्ति को माता तथा ज्ञान और वैराग्य को उसके दो पुत्रों के रूप में वर्णित किया गया है। जहां सच्ची भक्ति होती है, वहां ज्ञान और वैराग्य स्वतः ही प्रकट हो जाते हैं। भक्ति के बिना ज्ञान शुष्क और वैराग्य दिखावटी हो सकता है, जबकि परिपक्व भक्ति से दोनों सहज रूप से विकसित होते हैं। स्वामी जी ने आगे कहा कि भगवद गीता में भी भक्ति योग को अत्यंत सुगम और श्रेष्ठ मार्ग बताया गया है। भगवान श्रीकृष्ण ने ‘ज्ञानी भक्त’ को अपना अति प्रिय बताया है, जिसमें ज्ञान और भक्ति का सुंदर समन्वय होता है। प्रवचन के अंत में उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक पूर्णता के लिए भक्ति, ज्ञान और वैराग्य तीनों आवश्यक हैं, किंतु भक्ति मूल शक्ति है। जब हृदय में सच्चा भगवद प्रेम जागृत होता है, तो ज्ञान से विवेक और वैराग्य से संयम स्वतः जीवन में उतर आते हैं। महामृत्युंजय यज्ञ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे गांव में भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने इसे आत्मिक जागरण का अनुपम अवसर बताया। नरेन्द्र भार्गव , विजय शंकर राय, हेमनाथ राय, रमेश राय, डा० सुरेश राय, राजेश राय बागी,मिथिलेश राय, ओमप्रकाश मिश्र, चिंन्टू चौधरी ,डा०आलोक राय, धन्नजय राय, रितेश राय, भरत यादव , सुदामा यादव, नरेंद्र राय, दीपू राय, रोशन राय, संजीव राय,आशीष राय,अंजनी राय मुन्ना, राहुल राय सहित काफी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।



