
गाजीपुर । विशेष न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट रामावतार प्रसाद की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने जेहादी मानसिकता रखने वाले आरोपी इमरान मिया को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। विशेष लोक अभियोजक पाक्सो कोर्ट, रविकांत पांडेय ने बुधवार की शाम पांच बजे इस फैसले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि यह मामला गाजीपुर के भुड़कुड़ा थाना क्षेत्र का है। साल 2022 में गांव का ही शादीशुदा युवक, इमरान मिया, एक हिंदू नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था और छह महीने तक अलग-अलग स्थानों पर अपने पास रखा। घटना के दो दिन बाद ही आरोपी की पत्नी ने पीड़िता की मां को पूरी बात बताई और उसी समय से उसने पति का साथ छोड़ दिया। पीड़िता की मां की तहरीर पर भुड़कुड़ा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने तफ्तीश के बाद 8 अगस्त 2023 को चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 8 गवाह पेश किए, जिन्होंने पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की। सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को देखते हुए अदालत ने आरोपी को कठोरतम सजा देते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।



