दोषी टोल कर्मियों पर NSA लगाने व अधिवक्ताओं को टोल टैक्स से मुक्त करने की मांग
गाज़ीपुर। बाराबंकी जनपद के हैदरगढ़ टोल प्लाजा (NH-4010) पर एक अधिवक्ता के साथ टोल कर्मियों द्वारा की गई बर्बरता एवं जानलेवा हमले की घटना को लेकर प्रदेश भर के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस घटना को अमानवीय और निंदनीय बताते हुए तहसील बार एसोसिएशन जखनियाँ–गाजीपुर ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार एवं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि एक अकेले अधिवक्ता के साथ खुलेआम मारपीट और अपमान की घटना न केवल कानून के रक्षकों पर सीधा हमला है, बल्कि पूरे अधिवक्ता समाज की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती, तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका नहीं जा सकता।
इसी क्रम में तहसील बार एसोसिएशन जखनियाँ द्वारा मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन भेजकर निम्न प्रमुख मांगें रखी गईं—
प्रमुख मांगें
- दोषी टोल कर्मियों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कठोर कार्रवाई की जाए।
- देश भर में समस्त अधिवक्ताओं को टोल टैक्स से पूर्ण रूप से मुक्त किया जाए।
- पीड़ित अधिवक्ता को आर्थिक सहायता एवं उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
- अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम को शीघ्र लागू किया जाए।
बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि इस गंभीर प्रकरण में शीघ्र एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो अधिवक्ता समाज को व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपे जाने के उपरांत जखनिया तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर विरोध दर्ज कराया।
इस दौरान प्रमुख रूप से रामजी यति, ओमकार यादव, आर.पी. यादव, अमित सिंह, महेश राम, रण विजय राम, तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष निसार अहमद, अखिलेश राम, संतोष सिंह, सजन राम, वीरेंद्र यति, जयप्रकाश, बिरजू, वरिष्ठ अधिवक्ता रजनीकांत पांडेय, सूर्य नारायण मिश्र, अभिषेक मिश्र सहित बड़ी संख्या में सम्मानित अधिवक्ता उपस्थित रहे।



