जमानियां। आपसी भाईचारे, अमन और सौहार्द को मजबूत करने के उद्देश्य से अमन शांति एकता कमेटी के सरपरस्त नेसार अहमद खान वारसी के आरा मशीन परिसर (पठान टोली मोहल्ला) में नव वर्ष 2026 के अवसर पर रविवार की शाम एक भव्य बाटी-चोखा (लिट्टी-चोखा) सहभोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ठंड के सुहाने मौसम में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर पारंपरिक व्यंजन का आनंद उठाया।
इस मौके पर देवा शरीफ दरगाह के सेक्रेटरी अली वारिस खान विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर उन्हें गुलदस्ता भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया गया। अली वारिस खान ने उपस्थित लोगों को नव वर्ष की मुबारकबाद दी और कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और एकता को बढ़ावा देते हैं।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि नव वर्ष के अवसर पर बाटी-चोखा सहभोज का आयोजन एक पुरानी परंपरा का हिस्सा है, जिसमें लोग एक साथ बैठकर पारंपरिक भोजन करते हैं। बाटी-चोखा बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध व्यंजन है, जो अपने स्वाद और पौष्टिकता के लिए जाना जाता है।
अमन शांति एकता कमेटी के सरपरस्त नेसार अहमद खान वारसी ने कहा कि बनारस की प्रसिद्ध बिटिया दुकान की तर्ज पर उनके आरा मशीन परिसर में बाटी-चोखा तैयार किया गया, जिसका लोगों ने भरपूर आनंद लिया। उन्होंने बताया कि घर से बाहर रहने वाले लोग भी शुद्ध और स्वादिष्ट भोजन के लिए ऐसे आयोजनों में शामिल होते हैं।
कार्यक्रम में माहिर कमाल अंसारी ने बाटी-चोखा बनाने की विधि की जानकारी देते हुए बताया कि पहले आटा गूंथकर बाटी बनाई जाती है और फिर उसे आग पर सेंका जाता है। वहीं आलू, टमाटर, अदरक, लहसुन, प्याज और मसालों से तैयार चोखा लोगों को खूब पसंद आया। सहभोज में बाटी-चोखा के साथ खीर भी परोसी गई।
इस अवसर पर देवा शरीफ के सेक्रेटरी अली वारिस खान, शहजाद खान, मंसूर खान, माहिर कमाल अंसारी, शहजाद अली वारसी, शमीम फरीदी, नेहाल खान, निगार खान, जियाउद्दीन अंसारी, बदरुद्दीन अंसारी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।




