नई दिल्ली। महंगाई की मार झेल रही आम जनता को केंद्र सरकार ने नए साल के पहले ही दिन बड़ी राहत दी है। सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी कटौती की है। इस फैसले को आम जनता के लिए नए साल की सौगात के रूप में देखा जा रहा है। ईंधन की कीमतों में कटौती को लेकर वित्त मंत्रालय की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है और संशोधित दरें 1 जनवरी 2026 से लागू कर दी गई हैं।
पेट्रोल-डीजल के नए रेट लागू
तेल एवं गैस नियामक प्राधिकरण (OGRA) के अनुसार पेट्रोल की कीमत में 10.28 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 8.57 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है। कटौती के बाद पेट्रोल की कीमत 263.45 रुपये से घटकर 253.17 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल का दाम 265.65 रुपये से घटकर 257.08 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है।
महंगाई से जूझ रही जनता को राहत
सरकार के इस फैसले से परिवहन, खाद्य वस्तुओं और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है। ईंधन सस्ता होने से आम लोगों के मासिक खर्च में कुछ राहत मिलेगी।
टैक्स और लेवी का बोझ बरकरार
हालांकि, पेट्रोलियम उत्पादों पर जनरल सेल्स टैक्स (GST) शून्य है, लेकिन सरकार पेट्रोल लेवी और 2.50 रुपये प्रति लीटर क्लाइमेट सपोर्ट लेवी (CSL) के तहत डीजल पर 78 रुपये प्रति लीटर तथा पेट्रोल और हाई ऑक्टेन पर 82 रुपये प्रति लीटर वसूल कर रही है। इसके अलावा पेट्रोल और HSD पर लगभग 16–17 रुपये प्रति लीटर कस्टम ड्यूटी भी लगाई जाती है। वहीं, तेल कंपनियों और डीलरों को करीब 17 रुपये प्रति लीटर वितरण और बिक्री मार्जिन के रूप में मिलता है।
राजस्व का बड़ा स्रोत है पेट्रोलियम सेक्टर
गौरतलब है कि पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (HSD) सरकार के प्रमुख राजस्व उत्पाद हैं, जिनकी मासिक औसत बिक्री 7 से 8 लाख टन के बीच रहती है। जबकि केरोसिन की मासिक मांग मात्र 10 हजार टन है। वित्त वर्ष 2025 में सरकार ने केवल पेट्रोलियम लेवी से लगभग 1.161 ट्रिलियन रुपये की वसूली की थी, जो चालू वित्त वर्ष में करीब 27 प्रतिशत बढ़कर 1.470 ट्रिलियन रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।



