गाजीपुर। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्तार अंसारी के भाई और गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी की एक महत्वपूर्ण याचिका पर सुनवाई करते हुए डीएम गाजीपुर को पांच सप्ताह के भीतर सकारण आदेश पारित करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका का निस्तारण कर दिया।
फरहत अंसारी ने लखनऊ स्थित अपने आवासीय मकान को उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किए जाने के खिलाफ गाजीपुर जिला प्रशासन की कार्रवाई को चुनौती दी थी। याचिका पर सुनवाई जस्टिस सीडी सिंह की एकल पीठ के समक्ष हुई। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने पक्ष रखा।
गैंगस्टर से अर्जित संपत्ति नहीं
मामले में उल्लेखनीय है कि गाजीपुर की गैंगस्टर कोर्ट ने 7 अप्रैल 2025 को आदेश पारित करते हुए स्पष्ट किया था कि लखनऊ स्थित यह आवासीय मकान गैंगस्टर से अर्जित संपत्ति नहीं है। कोर्ट ने डीएम गाजीपुर को 30 दिनों के भीतर कुर्की हटाने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद मकान को रिलीज न किए जाने पर फरहत अंसारी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
गौरतलब है कि गाजीपुर के तत्कालीन जिलाधिकारी ने 23 अक्टूबर 2022 को उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत उक्त मकान को कुर्क किया था। याचिकाकर्ता का आरोप था कि गैंगस्टर कोर्ट के आदेश के बावजूद प्रशासन द्वारा आदेश की अवहेलना की जा रही है।
पांच हफ्ते में निस्तारण का निर्देश
हाईकोर्ट ने डीएम गाजीपुर को निर्देश दिया है कि वे याचिका पर विचार करते हुए पांच सप्ताह के भीतर उचित और विधिसंगत आदेश पारित करें। कोर्ट के इस आदेश से अंसारी परिवार की संपत्ति से जुड़े मामले में एक नई कड़ी जुड़ गई है और अब जिला प्रशासन पर समयसीमा के भीतर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।



