गाजीपुर: फर्जी आईडी के जरिए अपात्र लोगों का आयुष्मान भारत कार्ड बनवाने वाले गिरोह का लखनऊ एसटीएफ ने भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ ने इस मामले में सात आरोपियों को गोमतीनगर विस्तार क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी लखनऊ, बाराबंकी, प्रतापगढ़, गाजीपुर और इटावा जनपद के रहने वाले हैं।
एसटीएफ के अनुसार, आरोपी अब तक दो हजार से अधिक अपात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाकर उन्हें योजना का अवैध लाभ दिला चुके हैं। इसी गिरोह के दो सदस्यों को इससे पहले 17 जून 2025 को प्रयागराज के नवाबगंज क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था, जहां से 84 अपात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड बरामद हुए थे। इस संबंध में प्रयागराज में मुकदमा दर्ज किया गया था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रतापगढ़ के जलालपुर किठौली निवासी चंद्रभान वर्मा (35), बाराबंकी के जैदपुर निवासी राजेश मिश्रा (25) व सौरभ मौर्य (22), सफदरगंज निवासी सुजीत कनौजिया (23), गाजीपुर के परसपुरा निवासी विश्वजीत सिंह (39), लखनऊ के माल निवासी रंजीत सिंह और इटावा के सैफई निवासी अंकित यादव (20) के रूप में हुई है।
एसटीएफ ने बताया कि गिरोह लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में साइबर कैफे संचालकों तथा इंप्लीमेंटेशन सपोर्ट एजेंसी (ISA) के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से काम कर रहा था। आरोपी पात्र परिवारों की फैमिली आईडी में ओटीपी बाइपास कर अपात्र लोगों के नाम जोड़ते थे। इसके बाद स्टेट हेल्थ एजेंसी स्तर पर सेटिंग के जरिए आयुष्मान कार्ड को अप्रूव करा लिया जाता था।
फिलहाल एसटीएफ मामले की गहन जांच कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।


