

गाजीपुर। अदालत ने चर्चित मनीष हत्याकांड में बड़ा फैसला सुनाया है। एडीजे प्रथम शक्ति सिंह की अदालत ने हत्या के मामले में अभियुक्ता कमलेशी देवी को दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह मामला साल 2023 में बड़ेसर थाना क्षेत्र के मनोरथपुर गांव का है, जहां युवक मनीष कुमार सिंह की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। दरअसल गाजीपुर की एडीजे प्रथम शक्ति सिंह की अदालत ने बहुचर्चित मनीष हत्याकांड में अहम फैसला सुनाते हुए अभियुक्ता कमलेशी देवी को हत्या का दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी को 10 साल की सजा और 25 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। मामला 9 सितंबर 2023 की रात का है, जब बड़ेसर थाना क्षेत्र के मनोरथपुर निवासी मनीष कुमार सिंह की चाकू से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी गई थी। मृतक के पिता विष्णुदेव सिंह ने आरोप लगाया था कि कमलेशी देवी ने मोबाइल फोन के जरिए मनीष को बुलाया था, जिसके बाद हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने मामले में कमलेशी देवी समेत दो अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। सुनवाई के दौरान अदालत में 11 गवाह पेश किए गए। अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े तमाम साक्ष्य अदालत के सामने रखे। हालांकि, आरोपी कमलेशी देवी ने अदालत में इसे आत्मरक्षा यानी सेल्फ डिफेंस में हुई घटना बताया, लेकिन अदालत ने सभी गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर उसे दोषी मानते हुए सजा सुनाई। वहीं, साक्ष्यों के अभाव में दो अज्ञात आरोपियों की पुष्टि नहीं हो सकी।



