710 छात्रों के हस्ताक्षर, अब राज्यपाल तक पहुंचेगा पीजी कॉलेज बायोमेट्रिक वसूली का मामला

गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय (पीजी कॉलेज) के मुख्य द्वार पर छात्रवृत्ति हेतु बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के नाम पर चल रही अवैध वसूली के खिलाफ जारी दो दिवसीय हस्ताक्षर अभियान आज अपने अंतिम और दूसरे दिन पूरी ऊर्जा के साथ केवल हस्ताक्षर अभियान के रूप में संपन्न हुआ। कल इसी हस्ताक्षर अभियान के समर्थन और कड़े विरोध के साथ जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस दो दिवसीय अभियान के दौरान महाविद्यालय के कुल 710 छात्र-छात्राओं ने बैनर पर हस्ताक्षर कर प्रशासन की मनमानी के खिलाफ अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

इस बीच, प्राचार्य द्वारा मीडिया में दिए जा रहे बयानों पर छात्र नेताओं ने बेहद आक्रामक रुख अपनाते हुए उन्हें आड़े हाथों लिया है। छात्र नेताओं ने प्राचार्य के बयानों को सरासर सफेद झूठ करार देते हुए खुली चुनौती दी है।”झूठ बोलना बंद करें प्राचार्य, हिम्मत है तो छात्रों पर गलत बयान के लिए मुकदमा कराएं”छात्र नेताओं ने कड़े शब्दों में कहा कि प्राचार्य मीडिया में आकर यह सफेद झूठ बोल रहे हैं कि कोई अवैध वसूली नहीं हो रही है और सब कुछ ठीक चल रहा है। छात्रनेताओं ने दो टूक कहा— “यदि प्राचार्य और कॉलेज प्रशासन को लगता है कि छात्र गलत बोल रहे हैं और कोई वसूली नहीं हुई है, तो वे हम पर मुकदमा दर्ज कराएं। लेकिन अगर ऐसा नहीं है, तो अपनी कुर्सी और काले कारनामों को बचाने के लिए झूठे बयान देकर एक शिक्षक की गरिमा को सरेआम तार-तार करना बंद करें।”छात्रों ने पर्दाफाश करते हुए बताया कि पिछले सत्र में कॉलेज कैंपस के भीतर ही बाकायदा लिखित नोटिस के तहत ₹40 वसूले गए थे, जिसके पुख्ता दस्तावेज मौजूद हैं।

इस बार कॉलेज के भीतर बवाल और पोल खुलने के डर से सुनियोजित तरीके से छात्रों को बाहर की निजी दुकानों पर भेजा जा रहा है, जहाँ से अवैध वसूली का 70-100 रूपये का यह अवैध धंधा चल रहा है। आज भी छात्र खुद गवाही दे रहे हैं कि उन्हें कैसे बाहर धकेला जा रहा है।पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा, “प्राचार्य महोदय का यह कहना कि वसूली नहीं हो रही, पूरी तरह झूठा और हास्यास्पद है। अगर छात्र झूठ बोल रहे हैं तो प्रशासन साहस दिखाए और छात्रों पर कानूनी कार्रवाई करे। सच यह है कि प्राचार्य अपनी खाल बचाने के लिए मीडिया को गुमराह कर रहे हैं।”आगे दीपक उपाध्याय ने खुली चेतावनी देते हुए कहा, “महामहिम राज्यपाल महोदया और डीएम साहब एक कमेटी गठित कर मामले की निष्पक्ष जांच कराएं और स्वयं छात्रों से मिलकर सच्चाई का पता लगाएं, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। यदि जांच में प्राचार्य दोषी पाए जाते हैं और निशुल्क व्यवस्था की जगह लूट करने का आरोप सिद्ध होता है, तो उन पर ऐसी दंडात्मक व कठोर कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई इसकी पुनरावृत्ति न कर सके। कल दिनांक 06 नवंबर 2026 को इसी हस्ताक्षर अभियान को जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा और यदि एक हफ्ते में कार्रवाई नहीं हुई, तो कॉलेज प्रशासन की ईंट से ईंट बजाने का काम किया जाएगा।” छात्र नेता प्रद्युम्न सिंह यादव ने कहा, “पिछले साल लिखित नोटिस के साथ कैंपस के अंदर रुपए वसूले गए थे और इस बार बाहर की दुकानों पर लूट कराई जा रही है।

प्राचार्य का बयान केवल अपनी गर्दन बचाने का ढोंग है। छात्र अब एक इंच भी पीछे हटने वाले नहीं हैं।” छात्र नेता आकाश चौधरी ने कहा, “शिक्षकों की आड़ में दलाली और अवैध वसूली का यह खेल अब और नहीं चलने दिया जाएगा। प्राचार्य या तो सच स्वीकार करें या खुली बहस के सामने आएं।” छात्र नेता निलेश बिन्द व विकास यादव ने संयुक्त रूप से कहा, “710 छात्रों के हस्ताक्षर इस बात की गवाही हैं कि शोषण हुआ है। प्राचार्य झूठे बयान देकर अपनी नाकामी छुपाना बंद करें, अन्यथा छात्र सड़क पर उतरकर आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।”*प्रमुख माँगे और अगला कदम: कल दिनांक 06 नवंबर 2026 को इसी हस्ताक्षर अभियान को जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया जाएगा, जिसमें एक सप्ताह के भीतर उचित कार्रवाई न होने पर वृहद आंदोलन की चेतावनी दी गई है। * महामहिम राज्यपाल व जिलाधिकारी महोदय द्वारा कमेटी गठित कर इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर प्राचार्य पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई हो।

प्राचार्य द्वारा दिए जा रहे भ्रामक व झूठे बयानों की उच्चस्तरीय जाँच हो तथा शिक्षक की गरिमा को कलंकित करने वाले ऐसे प्रशासनिक कृत्यों पर रोक लगे। * पिछले सत्र के ₹40 एवं वर्तमान सत्र के ₹70-₹100 की अवैध वसूली पर तत्काल रोक लगे और निजी दुकानों से हो रहे इस कारोबार को बंद किया जाए। * कॉलेज परिसर के भीतर ही बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की निशुल्क, सुगम व पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित हो। * बिना रसीद वसूला गया सारा पैसा विद्यार्थियों को तुरंत वापस किया जाए।आज के हस्ताक्षर अभियान व विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से अंकित भारद्वाज, मुकेश चौधरी, अंकित यादव, राजू कुमार, आकाश चौधरी, निलेश बिन्द, विकास यादव, सतीश चौधरी, मोहित यादव, मनोज राजभर, पुष्कर,अमन , आरती,देवेश,श्रेया,पिंकी,काजल,सोनी, चांदनी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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