
गाजीपुर। जिले में एक युवती के साथ दुराचार का मामला सामने आया है। डॉक्टर धर्मेंद्र कुमार ने शादी का झांसा देकर युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए और युवती का कई बार गर्भपात कराकर आरोपी ने शादी करने से इनकार कर दिया।
आपको बता दे की महिला कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर कार्यरत है महिला वर्ष 2014 में CHC रेवतीपुर में ट्रेनर थी वहीं पर डॉक्टर को भी ट्रेनर के पद पर CHC रेवतीपुर में नियुक्त किया गया था जो मूल रूप से उमरीगनेशपुर डरार थाना गंभीरपुर आजमगढ़ के मूल निवासी है। वर्तमान मे गाजीपुर जिले में CHC मनिहारी पर कार्यरत है। महिला का कहना है कि उन्होंने मेरे मोबाइल नंबर से वार्ता करने लगे व हम दोनों लोग के बीच नजदीकी बन गई। डॉक्टर ने अनेकों बार शारीरिक संबंध बनाया व मुझसे शादी के लिए आश्वासन देता रहा इस बीच महिला का कई बार गर्भपात भी कराया और शादी करने से टालते रहा।
डॉक्टर महिला के घर आने जाने भी लगा जिसकी जानकारी महिला के घर पर आने-जाने से महिला के माता-पिता को घर से निकाल दिया तब से लगातार 6 वर्ष से डॉक्टर के साथ पति-पत्नी की तरह से जीवन यापन चल रहा था । कि अचानक किसी अन्य लड़की से शादी दहेज के चक्कर में महिला से शादी करने से इनकार कर दिया। डॉक्टर अपने भाई ,भाभी व ड्राइवर के साथ महिला के घर पर आकर धमकाने लगा व पैसा देने का प्रलोभन भी देने लगा महिला द्वारा न मानने पर डॉक्टर के भाई द्वारा एससी एसटी मुकदमा पंजीकृत करने का धमकी दे डाला कुछ देर बाद डॉक्टर महिला के घर आकर रात में रुका व शादी करने का आश्वासन देकर के पुनः शारीरिक संबंध बनाया। महिला के घर से जाने के बाद डॉक्टर फोन से बातचीत करना बंद कर दिया जिसकी जानकारी लेने के लिए महिला CHC मनिहारी पर पहुंची जिस पर डॉक्टर महिला को गाली गलौज धक्का देकर भगा दिया जिसकी शिकायत करने महिला ने जनपद के महिला थाना कोतवाली गाज़ीपुर पहुंच गई।
थाना प्रभारी शशि सिंह को पीड़ित महिला ने शिकायत पत्र दिया महिला थाना प्रभारी ने कोई कार्रवाई नहीं की बल्कि डॉक्टर से मिलकर समझौता करने का प्रयास करने लगी पीड़ित महिला द्वारा दोबारा महिला थाना प्रभारी को 9 दिसंबर 2024 को शिकायत पत्र दिया जिस पर महिला थाना प्रभारी यह कहकर आवेदन पत्र वापस कर दिया कि जब तक पुलिस अधीक्षक द्वारा लिखित निर्देशित नहीं किया जाएगा तब तक किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। पीड़ित महिला ने जिलाधिकारी आर्यका अखौरी से न्याय की गुहार लगाई । तब जाकर थाना कोतवाली गाज़ीपुर द्वारा 19 दिसंबर 2024 को
धमकी और दुर्व्यवहार:
- डॉक्टर और उसके परिवार ने पीड़िता को धमकाने और पैसा देकर मामला खत्म करने की कोशिश की।
- डॉक्टर के भाई ने एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराने की धमकी भी दी।
- जब पीड़िता ने डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, तो उसे गाली-गलौज और धक्का देकर भगा दिया गया।
पुलिस और प्रशासन की लापरवाही:
- पीड़िता ने महिला थाना कोतवाली गाजीपुर में शिकायत की, लेकिन थाना प्रभारी ने कार्रवाई करने के बजाय समझौता कराने की कोशिश की।
- दोबारा शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
- बाद में, जिलाधिकारी आर्यका अखौरी के हस्तक्षेप के बाद, 19 दिसंबर 2024 को डॉक्टर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज हुआ:
- भारतीय न्याय संहिता बीएनएस 2023 धारा 69
- धारा 89
- धारा 352
- धारा 351 (3)
13 जनवरी 2024 को 164 में बयान होने के बाद अभी तक डॉक्टर की गिरफ्तारी नहीं हुई।महिला द्वारा धारा 164 के तहत अपना बयान भी दर्ज करवाया है। मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करने के बाद भी पुलिस मामले की जांच मे लापरवाही कर रही है। ताकि आरोपी गवाहों और सबूत को नुकसान पहुंचा सके। जरूरत के अनुसार पुलिस मामले में उचित कार्रवाई करने में आनाकानी कर रही है। नहीं तो अब तक आरोपी को गिरफ्तार कर लेती है।
14 जनवरी मंगलवार को युवती ने बताया कि पुलिस द्वारा आश्वासन दिया गया है कि जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा।