
गाज़ीपुर । मरहूम पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की पहली बरसी 28 मार्च को है और ईद भी 30 या 31 मार्च को होने की संभावना है, ऐसे में सुप्रीम कोर्ट से आदेश के बावजूद मरहूम मुख्तार अंसारी के बेटे और मऊ विधायक अब्बास अंसारी की जेल से रिहाई में देरी के कारणों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट से 7 मार्च को मिली अंतरिम जमानत के बावजूद उनकी रिहाई नहीं हो पाई है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद चित्रकूट की गैंगस्टर कोर्ट से कासगंज जेल भेजा गया ‘रिहाई परवाना’ अभी तक कासगंज जेल प्रशासन को नहीं मिला है। ऐसे में अब्बास अंसारी के परिवार और समर्थकों में बेचैनी है। परिवार को उम्मीद जताई जा रही है कि अंतरिम जमानत की शर्तों और नियमों के अनुसार अब्बास अंसारी लखनऊ अपने आवास के अलावा मरहूम पिता मुख्तार अंसारी की पहली बरसी और ईद पर कोर्ट आदेश और पुलिस को सूचना देकर पैतृक घर और पैतृक कब्रिस्तान पर फातिहा पढ़ने आएंगे, लेकिन सरकारी प्रक्रिया में हो रही देरी से पिता की पहली बरसी या फिर ईद तक रिहाई होगी या नहीं, इस पर संदेह बरकरार है।