ग़ाज़ीपुर। मुगलपुरा स्थित इमामबाड़ा सलमा बीबी (मौलवी हामिद हुसैन तबसरह) नवासे (सय्यद मोहम्मद अब्बास नक़वी एवं सय्यद हुसैन अब्बास नक़वी) से विगत रविवार को भव्य शोहदा ए कर्बला हज़रत इमाम हुसैन अस का तीजा आयोजित किया गया। जिसमें सर्वप्रथम मजलिस कार्यक्रम दोपहर 2 बजे से प्रारंभ हुई जिसकी शुरूआत कुरानख्वानी से (जनाब लियाक़त ग़ाज़ीपुरी) ने किया उसके बाद सोज़ख्वानी (जनाब डॉ० फ़िरोज़ अहसन सहाब ग़ाज़ीपुरी) वा उनके हमनवां ने किया जिसके बाद पेशख्वानी (जनाब सय्यद मोहम्मद अब्बास नक़वी) अमरोही, (जनाब कैफ़ ग़ाज़ीपुरी) आदि ने किया उसके बाद मजलिस को आलि जनाब मौलाना (तनवीर उल हसन ज़ैनबी) इमाम ए जुमा शिया जामा मस्जिद शहर गाज़ीपुर ने अपने मख़्सूस अंदाज़ में करते हुए कहा कि यह ताबूत जुलूस इमाम हुसैन अस के तीजे की याद में निकाला जाता है कहा कि यज़ीदी फौज ने उनकी बहन जनाबे ज़ैनब बिन्ते अली अ०स० को अपने भाई इमाम हुसैन अस का तीजा तक नहीं करने दिया था। इमाम हुसैन अस की शहादत के बाद जनाबे ज़ैनब बिन्ते अली अ०स० के सर की चादर तक छीन ली गई थी। जनाबे सकीना बिन्ते इमाम हुसैन अस को तमाचे मारे गए और तमाम असीराने कर्बला पर ज़ुल्म ओ सितम किए गए। इसके बाद प्रसिद्ध सनातनी हिन्दू नौहावख्वान (श्री राजू पांडे जी) द्वारा अपनी अंजुमन के साथ नौहाख्वानी अपने मख्सूस अंदाज़ में की गई जिसने सभी ज़ायरीन तथा इलाके वालों का ध्यान आकर्षित किया। उपरोक्त कदीमी जुलूस जिसने अपना 128वाँ साल पूर्ण कर चुका है। अपनी परम्परानुसार (सायं 05 बजे) इमामबाड़ा (सलमा बीबी मौलवी हामिद हुसैन तबसरह) नवासे सय्यद मोहम्मद अब्बास नक़वी एवं सय्यद हुसैन अब्बास नक़वी, मोहल्ला मुगलपुरा नवाब साहब का फाटक, से बरामद होके मिर अशरफ अली लकड़ी का टाल खुदाईपुरा पानी टंकी, नखास मछलीबाजार, गुदडि, बर्बरहना, होते हुए खां साहब की कोठी सट्टी मस्जिद स्थित वक्फ़ इमामबाड़ा आगा साहब में जाके सम्पन्न हुआ जिसमें अन्तिम तक़रीर आलि जनाब मौलाना (जाबिर अली कुम्मी) ग़ाज़ीपुर द्वारा की गई उसके पश्चात सेहरा दफन हुआ। उक्त जुलूस तीजा ए इमाम हुसैन अ०स० में परंपरागत रूप से प्रशासन की मौजुदगी तथा भारी पुलिस बल की ड्यूटी के अंतर्गत सकुशल संपन्न कराया गया।



