गाजीपुर। माफिया मुख्तार अंसारी गैंग पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। अब फरार इनामी आफसा अंसारी के शस्त्र लाइसेंस में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जांच में हथियारों की खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड संदिग्ध मिले हैं, जबकि शस्त्र से जुड़ी अहम पत्रावली भी अभिलेखागार से गायब पाई गई है। पुलिस ने इस मामले में आफसा अंसारी और तत्कालीन शस्त्र लिपिक के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस बात की जानकारी एसपी सिटी डॉ. राकेश कुमार मिश्रा ने दी है। इस दौरान उन्होंने बताया कि आईएस- 191 गैंग से जुड़े लोगों के शस्त्र लाइसेंसों की जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। वर्ष 1995 में तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट द्वारा आफसा अंसारी को जारी किए गए शस्त्र लाइसेंस की जांच में पता चला कि पहले खरीदे गए रिवॉल्वर का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। बाद में दूसरा शस्त्र खरीदा गया, लेकिन पहले हथियार का पूरा विवरण गायब मिला। जांच के दौरान जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय के शस्त्र अभिलेखागार से इस लाइसेंस की खरीद-बिक्री से संबंधित मूल पत्रावली भी गायब पाई गई। पुलिस का कहना है कि मुख्तार गैंग के कई हथियार इसी तरह संदिग्ध परिस्थितियों में रिकॉर्ड से गायब मिले हैं। इसी आधार पर सदर कोतवाली में फरार इनामी आफसा अंसारी और उस समय के शस्त्र लिपिक के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच आगे भी जारी रहेगी और जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

