न्यायालय परिसर के भीतर और बाहर वादकारियों और संदिग्धों की गहन तलाशी
गाजीपुर। 29 मई की देर रात होटल व्यवसायी विनीत राय हत्याकांड में फरार चल रहे इनामी आरोपियों के न्यायालय में गुपचुप तरीके से हाजिर होने की सूचना मिलने पर गुरुवार को गाजीपुर जनपद न्यायालय परिसर पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया। सुबह से ही न्यायालय के चप्पे-चप्पे पर पुलिस की पैनी नजर रही और परिसर के भीतर बाहर सघन तलाशी अभियान चलाया गया।
अभियान के दौरान एसपी सिटी राकेश कुमार मिश्रा, सीओ सिटी, शहर कोतवाली पुलिस तथा न्यायालय सुरक्षा में तैनात जवानों के साथ अतिरिक्त पुलिस बल ने सभी सर्चिंग डिवाइस के साथ न्यायालय परिसर का औचक निरीक्षण किया। वकीलों के बैठने के स्थानों से लेकर वादकारियों के आने-जाने वाले मार्गों तक गहन जांच की गई। संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ के साथ उनकी तलाशी भी ली गई। एसपी सिटी राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि न्यायालय की सुरक्षा हमारे लिए बेहद अहम है और पुलिस को इनपुट प्राप्त हुआ था कि कुछ फरार इनामी अपराधी गिरफ्तारी से बचने के लिए न्यायालय में आत्मसमर्पण अथवा हाजिरी लगाने का प्रयास कर सकते हैं। इसी सूचना के आधार पर आज सुबह से ही विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। उन्होंने कहा कि न्यायालय की सुरक्षा पहले से ही संवेदनशील रहती है, लेकिन इनपुट मिलने के बाद अतिरिक्त सतर्कता बरती गई। उल्लेखनीय है कि होटल व्यवसायी विनीत राय हत्याकांड में नामजद आरोपियों में शामिल एक लाख रुपये का इनामी कमलेश बिंद पुलिस मुठभेड़ में मारा जा चुका है, जबकि कटरा गैंग के सरगना और एक लाख के इनामी शंकर पाण्डेय समेत अन्य तीन नामजद आरोपी और अज्ञात अपराधी अब भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी को लेकर विभिन्न व्यापारी संगठन लगातार पुलिस-प्रशासन पर दबाव बनाए हुए हैं। पुलिस भी संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है, लेकिन अब तक शेष आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। वहीं जिला प्रशासन फरार अपराधियों के विरुद्ध आरबीओ एक्ट के तहत उनके गैर कानूनी तरीके से बनें मकानों पर बुलडोजर जैसी सख्त कार्रवाई की तैयारी में है और संबंधित आरोपियों के घर पर नोटिस भी चस्पा कराए जा चुके हैं। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि फरार अपराधियों की गिरफ्तारी जल्द सुनिश्चित की जाएगी, अन्यथा उनके विरुद्ध और कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

