
गाजीपुर। बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि बिजली चोरी के नाम पर लगाए गए जुर्माने और लगातार वसूली के दबाव से परेशान एक व्यक्ति ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। घटना की जानकारी मिलने के बाद डीएम अनुपम शुक्ला खुद मृतक किसान के घर पहुंचे। जहां परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही थी। जिसके बाद मृतक के बेटे की तहरीर पर पुलिस ने आज बिजली विभाग के जेई, एक एसआई, हेड कांस्टेबल और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।दरअसल गाजीपुर के सैदपुर थाना क्षेत्र के मुरादचक गांव निवासी सुरेंद्र कश्यप की मौत अब एक बड़ा विवाद बन गई है। मृतक के पुत्र शुभम कश्यप ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि सितंबर-अक्टूबर 2025 में बिजली विभाग की टीम ने उनके घर की जांच कर बिजली चोरी का आरोप लगाते हुए 65 हजार 190 रुपये का जुर्माना लगा दिया था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण जुर्माने की रकम जमा नहीं हो सकी। इसके बाद सुरेंद्र कश्यप के नाम 1 लाख 12 हजार 225 रुपये की आरसी जारी कर दी गई। आरोप है कि आरसी की वसूली के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था, जिससे सुरेंद्र कश्यप मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगे थे। परिजनों का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारियों और वसूली से जुड़े लोगों की प्रताड़ना से तंग आकर 15 जून 2026 की सुबह सुरेंद्र कश्यप ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैदपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के बेटे की शिकायत पर सैदपुर पुलिस ने बिजली विभाग के जेई दीपक कुमार, एसआई उदयभान, हेड कांस्टेबल कैलाश भारती और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच में जुट गई है और आरोपों की सत्यता की पड़ताल कर रही है। फिलहाल पुलिस मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि सुरेंद्र कश्यप की मौत के लिए आखिर जिम्मेदार कौन है।

