गाजीपुर में 1 जुलाई से GNSS रोवर तकनीक से होगी भूमि पैमाइश, डीएम ने दी जानकारी

गाजीपुर। जी एन एस एस रोवर द्वारा भूमि का सीमांकन कराये जाने सम्बन्धित प्रेसवार्ता का आयोजन जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता मे जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष, कलेक्ट्रेट मे सम्पन्न हुआ ।जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद गाजीपुर की जनता को इस सम्बन्ध मे जागरूक करना है कि  जनपद मे भूमि सम्बन्धी विवाद मे लोग अपने-अपने खेतो का पैमाईश यानि की धारा-24 कराते है। पैमाईश अबतक जरीब के माध्यम से होती है। अब प्रदेश सरकार एक नये पहल के माध्यम से रोवर टेक्नोलॉजी का उपयोग करने जा रही है। इसमे ग्लोबल नेवीगेशन सेटेलाईट सिस्टम जो डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस भारत सरकार का है उसे यूज करके पैमाईश किया जायेगा। उन्होने बताया कि इस विधि से पैमाईश बिलकुल सही होगी । उन्होने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के जनपदों मे दिनांक 01 जुलाई 2026 से रोवर टेक्नोलाजी के माध्यम से भूमि पैमाईश का निर्देश दिया गया हैं। इस हेतु जनपद के समस्त तहसीलो मे एक-एक रोवर दिये जा चुके है इसके लिए रेवेन्यू अधिकारियो को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। दिनांक 01 जुलाई 2026  से जनपद के प्रत्येक तसहील के एक-एक खेत का रोवर टेक्नोलाजी से पैमाईश करायी जायेगी तथा पुराने विधि से होने वाले पैमाईश  का मिलान कर दोेनो विधि का आंकलन भी किया जायेगा ताकि भविष्य मे भूमि पैमाईश तीव्र व गुणवत्तापूर्ण हो सके। इसके लिए रोवर टेक्नोलाजी अपनायी जायेगी, जिससे भूमि सम्बन्धी विवाद का समयान्तर्गत व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो सकेगा। उन्होने बताया कि रोवर टेक्नोलॉजी एक इस्ट्रूमेंट होता है ये उपकरण सेटेलाईट सिस्टम यूज करता है। इस टेक्नोलॉजी का यूज करके भूमि पैमाईश को सुदृढ व मजबूत बनाया जायेगा। जिलाधिकारी ने बताया कि परम्परागत रूप से भूमि का सीमांकन/ सर्वे हेतु जरीब, फीता, चुम्बकीय सूई, मापक छड़ें तथा झण्डियों, लम्बे दण्ड (7), लठ्ठ्ठा आदि का प्रयोग किया जाता है। उक्त उपकरणों के प्रयोग से भूमि के सीमांकन/सर्वे कार्य में प्रायः विलम्ब होता है तथा मापन की गुणवत्ता भी प्रतिकूल रूप से प्रभावित होती है। इस हेतु विधिक व्यवस्था के आलोक में परिषद द्वारा भूमि का सीमांकन/सर्वे कार्य के समयबद्ध, गुणवत्तापरक एवं पारदर्शितापूर्ण निस्तारण हेतु परम्परागत सीमांकन के उपकरणों के स्थान पर आधुनिक तकनीक पर आधारित जी०एन०एस०एस० रोवर का उपयोग किये जाने का निर्णय लिया गया है। उ०प्र० राजस्व संहिता, 2006 की धारा-24 एवं उ०प्र० राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के नियम-22 में प्राविधानित प्रक्रिया का अनुपालन करते हुए जी०एन०एस०एस० रोवर के माध्यम से सीमांकन का कार्य किया जायेगा।

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