लखनऊ अग्निकांड पर फूटा गुस्सा, कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा जांच की उठी मांग

गाजीपुर। लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को जिस कोचिंग संस्थान में आग लगने से छात्र- छात्राओं जितनी भी जिंदगियां काल के गाल में असमय समा गईं इसके लिए जो भी जिम्मेदार हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है। पूरे देशभर में फैले इस तरह के सभी कोचिंग एवं शिक्षण संस्थानों की बड़े पैमाने पर जिलाधिकारी जांच कराएँ। जिन शिक्षण एवं कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण नहीं है और वे सुरक्षा के मानक पूरे नहीं करते हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई तो हो ही, साथ ही उनपर अर्थ दंड भी लगाया जाए। सभी शिक्षण एवं कोचिंग संस्थानों को सुरक्षा प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य बनाया जाए, जब तक जिला प्रशासन द्वारा शिक्षण संस्थानों एवं कोचिंग संस्थानों को सुरक्षा प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य नहीं बनाया जाएगा तब तक छात्र-छात्राओं की मौत ऐसे ही होती रहेगी। गर्मी में आग लगने की घटनाएं बढ़ती हैं और बरसात में जर्जर शिक्षण कक्षों की धराशाई होने एवं गिरने की संभावना बनी रहती है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश के पूर्व संयुक्त महामंत्री एवं वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के राज्यपाल द्वारा नामित कार्य परिषद सदस्य डॉ० जगदीश सिंह दीक्षित, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ० दीनानाथ सिंह एवं प्रदेश प्रभारी प्रोफेसर (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की है तथा एक करोड़ रुपये इन परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की भी मांग करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सभी शिक्षण एवं कोचिंग संस्थानों को जिलाधिकारी द्वारा सुरक्षा प्रमाण-पत्र लेना अनिवार्य बनाया जाए।डॉ जगदीश सिंह दीक्षित पूर्व संयुक्त महामंत्री राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश

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