चोरी की घटना का नहीं हो पाया खुलासा, परिवार में भय और आक्रोश

गाजीपुर। मरदह थाना क्षेत्र में लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं ने आम लोगों की चिंता और भय को बढ़ा दिया है। बीते कुछ महीनों में कई चोरी की वारदातें सामने आ चुकी हैं, लेकिन पुलिस अब तक सक्रिय चोर गिरोह तक पहुंचने में सफल नहीं हो पाया है। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीण इलाकों में असुरक्षा का माहौल गहराता जा रहा है और लोगों का पुलिस व्यवस्था से भरोसा कमजोर पड़ता दिख रहा है। इसी क्रम में 16 अप्रैल 2026 की रात मरदह थाना क्षेत्र के ग्राम बरही में हुई बड़ी चोरी की घटना अब भी रहस्य बनी हुई है। गांव निवासी प्रमोद कुमार यादव पुत्र रमायन सिंह यादव तथा सतेंद्र कुमार यादव पुत्र कैलाश सिंह यादव के घरों को निशाना बनाते हुए चोर लाखों रुपये के जेवरात और नकदी लेकर फरार हो गए थे। पीड़ित परिवारों के अनुसार दोनों घरों से करीब 80 लाख रुपये के जेवरात तथा लगभग 1 लाख रुपये नगद चोरी हुए थे।घटना के बाद दोनों पीड़ित परिवारों ने एडीजी जोन वाराणसी से मुलाकात कर जल्द कार्रवाई और चोरों की गिरफ्तारी की मांग की थी। बताया जाता है कि एडीजी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश भी दिए थे, लेकिन आरोप है कि आदेश के बावजूद अब तक न तो घटना का खुलासा हो सका और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी हो पाई है।सूत्रों के मुताबिक एडीजी के निर्देश के बाद पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जनसुनवाई पोर्टल पर जो जवाब भेजा गया, उसमें केवल एफआईआर दर्ज होने और जांच अधिकारी नियुक्त किए जाने की जानकारी दी गई। पीड़ित परिवारों का कहना है कि यह बातें पहले से ही प्रशासन को बताई जा चुकी थीं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर अब तक कोई ठोस प्रगति सामने नहीं आई है। पीड़ित प्रमोद कुमार यादव वर्तमान में जम्मू में अर्धसैनिक बल में तैनात हैं। उनका कहना है कि देश की सुरक्षा में तैनात रहने के बावजूद उनका अपना घर सुरक्षित नहीं रह सका। चोरी में उनकी वर्षों की मेहनत और गाढ़ी कमाई चली गई, जिससे पूरा परिवार मानसिक तनाव और भय के माहौल में जी रहा है। परिजनों के अनुसार घटना के बाद से परिवार के सदस्य रात में ठीक से सो भी नहीं पा रहे हैं। हर समय किसी अनहोनी की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिले में सक्रिय चोर गिरोह का मनोबल लगातार बढ़ता जा रहा है। कई घटनाओं में बदमाश चोरी के दौरान फायरिंग करते हुए फरार हो चुके हैं, लेकिन पुलिस अभी तक अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सकी है। ग्रामीणों और क्षेत्रीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्त बढ़ाने, जल्द घटना का खुलासा करने और आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि लोगों में सुरक्षा का विश्वास दोबारा कायम हो सके। इस मामले में क्षेत्राधिकारी कासिमाबाद अनुभव राजश्री ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं। कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और जल्द ही घटना का अनावरण कर दिया जाएगा।

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