पूर्णाहुति के साथ श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का भव्य समापन

गाजीपुर। भांवरकोल क्षेत्र के ग्रामसभा तरका (अमरूपुर) में विश्व कल्याण की कामना से आयोजित नौ दिवसीय लक्ष्मी नारायण महायज्ञ पूर्णाहुति के साथ विधिवत एवं सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। संपूर्ण अनुष्ठान यज्ञाधीश महंत कन्हैया दास महाराज एवं आचार्य अमित शास्त्री जी और सहयोगी आचार्यों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुआ। महायज्ञ की पूर्णाहुति में राज्य सूचना आयुक्त, उत्तर प्रदेश श्री पदुम नारायण द्विवेदी जी ने विशेष रूप से उपस्थित होकर आहुति प्रदान की। इस अवसर पर क्षेत्र के साथ-साथ दूर-दराज़ से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने हवन-पूजन में भाग लिया और यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इस महायज्ञ में 1 लाख 32 हजार आहुतियों के साथ बिना किसी विघ्न-बाधा के यज्ञ संपन्न हुआ। साथ ही आयोजन के दौरान संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भी भव्य आयोजन किया गया, जिसने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री पदुम नारायण द्विवेदी जी ने कहा कि धार्मिक अनुष्ठानों से मन को शांति मिलती है और आध्यात्मिक चेतना जागृत होती है। उन्होंने कहा कि पूर्णाहुति यज्ञ के सफल समापन का प्रतीक होती है, जिससे सुख, समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। पूर्णाहुति के उपरांत सोमवार को भव्य भंडारे एवं महाप्रसाद का आयोजन किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के सम्मिलित होने की संभावना है।
लक्ष्मी नारायण यज्ञ जैसे पावन अवसर पर प्रतिष्ठित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं समाज के गणमान्य लोगों की सहभागिता ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करते हैं, बल्कि सामाजिक समरसता, आपसी सौहार्द और सांस्कृतिक चेतना को भी मजबूत करते हैं। आयोजन की सफलता और अतिथियों के गरिमामय स्वागत हेतु आयोजकों द्वारा समुचित व्यवस्थाएँ की गईं। प्रोटोकॉल के पालन, प्रशासनिक समन्वय तथा अतिथियों के सम्मान स्वरूप अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर भारतीय संस्कृति की परंपरा का निर्वहन किया गया।

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